महाराष्ट्र के पुणे के मशहूर रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड (Ketan Agarwal Murder Case) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है इसकी परतें किसी फिल्मी स्क्रिप्ट की तरह खुलती जा रही हैं। प्यार, धोखा, साजिश और मर्डर की इस खौफनाक दास्तान में पुलिस अब 2,004 फोन कॉल्स, डिलीट किए गए वॉट्सऐप चैट्स और उस आखिरी खौफनाक इशारे की कड़ियों को जोड़ रही है जिसने एक हंसते-खेलते कारोबारी की जान ले ली। आइए आपको बताते हैं कि कैसे एक भाई की दोस्ती, बहन के प्यार और फिर मंगेतर की मौत की वजह बन गई।
जांच में साफ हुआ है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की मुलाकात किसी डेटिंग ऐप पर नहीं हुई थी। चेतन चौधरी स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेलता था। सिया का बड़ा भाई साहिल गोयल भी उसी क्रिकेट सर्कल का हिस्सा था। पुलिस को साल 2024 का एक वीडियो मिला है जिसमें साहिल और चेतन एक साथ क्रिकेट मैच खेलते दिख रहे हैं। सिया अक्सर अपने भाई साहिल के साथ उसके मैच देखने जाती थी जहां उसकी मुलाकात चेतन से हुई। शुरुआत आम बातचीत से हुई जो धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई। पुलिस के मुताबिक साल 2025 की दिवाली के आसपास एक कॉमन फ्रेंड की पार्टी में दोनों की नजदीकियां प्यार में बदल गईं।
वहीं पुलिस की टेक्निकल सेल ने जब दोनों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) निकाले तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। जनवरी 2026 से लेकर जून 2026 के भीतर सिया और चेतन के बीच 2,004 बार फोन पर बातचीत हुई। दोनों ने फोन पर कुल 238 घंटे बिताए। यानी हर दिन दोनों के बीच घंटों लंबी गुफ्तगू होती थी। पुलिस का मानना है कि इसी दौरान केतन को रास्ते से हटाने की साजिश की रूपरेखा तैयार की गई।
इसी बीच सिया के परिवार ने उसकी शादी पुणे के अमीर बिल्डर केतन अग्रवाल से तय कर दी। नवंबर 2026 में दोनों की शादी होनी थी। पुलिस ने सिया के भाई साहिल से करीब 8 घंटे पूछताछ की। परिवार का कहना है कि सिया ने कभी भी इस शादी का विरोध नहीं किया था। अगर वह एक बार भी मना कर देती तो वे शादी आगे नहीं बढ़ाते। एक तरफ परिवार शादी के कार्ड और तैयारियों में जुटा था तो दूसरी तरफ सिया लगातार अपने प्रेमी चेतन के संपर्क में थी और उसने केतन को यह अहसास तक नहीं होने दिया कि वह इस रिश्ते से नाखुश है।
कैफे की वो आखिरी मुलाकात और वो खौफनाक इशारा
वहीं पुलिस के मुताबिक मर्डर की पूरी प्लानिंग 17 जून 2026 को पुणे के लुल्लानगर स्थित एक कैफे में की गई जहां सिया और चेतन करीब एक घंटे तक साथ बैठे थे। अगले ही दिन रणनीति के तहत केतन, सिया और चेतन Lohagad Fort के पास पहुंचे। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि प्लानिंग बेहद खतरनाक थी।
तय प्लान के मुताबिक सिया को एक निश्चित जगह बैठकर चेतन को इशारा करना था। जैसे ही सिया ने इशारा किया चेतन ने पीछे से आकर केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया। शुरुआती पूछताछ में खुद को बेकसूर बताने वाला चेतन अब टूट चुका है और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
शातिर कातिलों ने मिटाए सारे सबूत
कातिल शातिर थे। मर्डर के बाद दोनों ने अपने मोबाइल से न सिर्फ वॉट्सऐप चैट डिलीट किए बल्कि उन्हें ‘रीसायकल बिन’ से भी उड़ा दिया ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिले। फिलहाल पुलिस ने दोनों के फोन को मोबाइल फोरेंसिक लैब भेज दिया है जहां डिलीट डेटा को रिकवर किया जा रहा है।

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