July 1, 2026

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‘पोस्टर’ पर सियासत : ‘श्रीकृष्ण’ बने अखिलेश, हाथ में संविधान… नई सियासी बहस

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 53वें जन्मदिन पर वाराणसी में एक नया राजनीतिक पोस्टर चर्चा का केंद्र बन गया। इस पोस्टर में अखिलेश यादव को भगवान कृष्ण के स्वरूप में दर्शाया गया है। उनके हाथ में संविधान है, जबकि पोस्टर के जरिए उन्हें सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और जनहित के मुद्दों की आवाज के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है।

सपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जन्मदिन
सपा कार्यकर्ताओं ने जन्मदिन के अवसर पर हवन-पूजन कर अखिलेश यादव की दीर्घायु और वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सत्ता में वापसी की कामना की। इस दौरान केक काटकर और मिठाइयां बांटकर जन्मदिन का उत्सव भी मनाया गया।

जनहित और संविधान की रक्षा के संदेश का प्रतीक
पोस्टर को लेकर सपा नेताओं का कहना है कि जिस प्रकार द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने अन्याय और अधर्म के खिलाफ संघर्ष किया था, उसी तरह आज के दौर में अखिलेश यादव जनता के अधिकारों, संविधान और जनसरोकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। सपा नेता अजय फौजी ने कहा कि यह पोस्टर किसी व्यक्ति की पूजा नहीं, बल्कि जनहित और संविधान की रक्षा के संदेश का प्रतीक है।

दो हाथों में चक्र के बजाय भारत का संविधान थमाया
बता दें कि आज समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर वाराणसी में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक नया सियासी पोस्टर जारी किया है जिसमें अखिलेश को भगवान श्रीकृष्ण के रूप में दर्शाया गया है। इस पोस्टर में चार भुजाओं में से दो हाथों में चक्र के बजाय भारत का संविधान थमाया गया है। इस पोस्टर के माध्यम से समाजवादी पार्टी ने खुद को संविधान और सामाजिक न्याय के रक्षक के रूप में दर्शाया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाल के दिनों में नेताओं को धार्मिक और पौराणिक प्रतीकों के साथ जोड़कर प्रस्तुत की राजनीति लगातार चर्चा में रही है। राहुल गांधी के परशुराम स्वरूप वाले पोस्टर के बाद अब अखिलेश यादव का श्रीकृष्ण स्वरूप वाला यह पोस्टर भी सियासी गलियारों में नई बहस का विषय बन गया है।

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