July 3, 2026

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नकली CBI और पुलिस अधिकारी बनकर 44 लाख की ठगी, साइबर फ्रॉड से ऐसे बचें

मथुरा (उत्तरप्रदेश) में रिटायर्ड रिफाइनरी कर्मचारी से 44 लाख की ठगी हो गई। धोखेबाजों ने नकली सीबीआई और पुलिस अधिकारी बनकर एक व्यक्ति की जीवन भर की कमाई लूट ली। ऐसे बढ़ते साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके आपको पता होने चाहिए। ताकि आप भी ऐसे किसी जाल में ना फंस जाएं।

मामला 7 मार्च से शुरू हुआ जब रिटायर्ड रिफाइनरी कर्मचारी गोपाल प्रसाद को फोन कॉल पर उनके खिलाफ बेंगलुरु में हुई FIR की जानकारी दी गई। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को दिल्ली में सीबीआई अधिकारी बताया और कहा कि मुंबई में एक बैंक में 3 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन में गोपाल प्रसाद का नाम आया है। इसके बाद से लगातार रिटायर्ड कर्मचारियों के पास फोन आने लगे। एक महिला भी नकली पुलिस अधिकारी बनकर गिरफ्तारी और समाज में बदनामी का डर बताने लगी। इसके बाद धोखेबाजों ने रिटायर्ड कर्मचारियों से उनके पास कुल जमा राशि की जानकारी हासिल की और कहा कि यह राशि उन्हें तुरंत ट्रांसफर की जाए, जो सीबीआई जांच के बाद लौटा दी जाएगी। डर और मानसिक दबाव में आकर गोपाल प्रसाद ने 44 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

सीनियर सिटीजन को बनाते हैं निशाना
आपने ध्यान दिया होगा कि ऐसे मामलों में अक्सर सीनियर सिटीजन को ही निशाना बनाया जाता है। इसमें भी खासकर उन लोगों को टारगेट किया जाता है जो या तो अपने बच्चों से अलग रह रहे हैं या जिनके परिवार में बच्चे नहीं है।

गोपाल प्रसाद के मामले में भी यही था। 1 साल पहले ही उनके बेटे की मौत हुई थी और उनकी बेटी का स्वास्थ्य भी सही नहीं है। सीनियर सिटीजन की स्थिति का फायदा उठाकर जालसाज उन्हें डराते हैं और उनके खाते में जमा पूंजी को किसी भी बहाने से ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाते हैं।

साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके
वैसे तो सरकार की तरफ से भी बार-बार लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि ऐसे मामलों से बचना चाहिए। यदि आप भी चाहते हैं कि आप खुद या आपके परिवार या जानकारों में कोई ऐसे मामलों में न फंसे तो आपको इन तरीकों के बारे में जान लेना चाहिए और उसके बारे में दूसरे लोगों को भी जागरूक करना चाहिए।

अनजान नंबर से आने वाले फोन और मैसेज से सावधान

  • यदि आपको अनजान नंबर से फोन करके कोई सरकारी अधिकारी बैंक अधिकारी या अन्य कोई अधिकारी बनकर डरते हैं या आपसे वित्तीय जानकारी हासिल करते हैं तो तुरंत सावधान हो जाएं। सरकार की तरफ से कोई भी अधिकारी फोन कॉल या वीडियो कॉल के जरिए गिरफ्तारी की धमकी नहीं देते हैं, नहीं केवाईसी या अन्य बैंकिंग से जुड़ी समस्याओं का समाधान करते हैं।
  • कभी भी किसी भी अनजान नंबर से आए फोन कॉल पर तुरंत विश्वास ना करें और ना ही किसी अनजान नंबर से आई मैसेज या लिंक पर क्लिक करें।
  • कभी भी अजनबियों से अपने बैंक खाते की डिटेल और अपनी निजी जानकारी शेयर ना करें। परिवार में बुजुर्ग हैं तो उन्हें समझाएं कि ऐसे फ्रॉड कॉल से बचना चाहिए और उनकी बातों में ना आए।
  • उन्हें यह भी समझाइए कि अनजान नंबर से आने वाली लिंक पर क्लिक करने से कैसे उनका बैंक खाता पूरा खाली हो सकता है।
  • अपने फोन में या बुजुर्गों के फोन में ट्रूकॉलर और स्पैम ब्लॉक ऑन करके रखें।
  • अपने परिवार के बच्चे बुजुर्गों सभी को समझाए कि कोई भी सरकारी अधिकारी फोन करके पैसे की डिमांड नहीं करते हैं।
  • हर जगह टू फैक्टर वेरिफिकेशन ऑन करें।

साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें?
यदि इन सावधानियां के बाद भी आपके साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है तो तुरंत 1930 पर कॉल करके मामले की शिकायत दर्ज करवाएं। इसके अलावा cybercrime. gov. in पर जाकर भी रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है। साथ ही तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराएं और बैंक को भी फ्रॉड की जानकारी दें।

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