‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सियासत गरमा गई है. कांग्रेस महासचिव (संगठन) और सांसद केसी वेणुगोपाल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है. इसको लेकर कांग्रेस सांसद ने 30 जून को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा था और प्रस्ताव सौंपा.
केसी वेणुगोपाल ने रक्षा मंत्री पर संसद और देश की जनता को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है. वेणुगोपाल ने बीजेपी सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इनके लिए ‘देशभक्ति’ और ‘रामभक्ति’ सिर्फ राजनीतिक फायदे के हथियार और खोखले जुमले हैं.
संसद में बोला गया सरासर झूठ : वेणुगोपाल
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने रक्षा मंत्री के बयानों में विरोधाभास का दावा करते हुए कहा, “रक्षा मंत्री ने पहले संसद में ऑन रिकॉर्ड कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में कोई भी जवान घायल तक नहीं हुआ. लेकिन अब कहा जा रहा है कि हमारे 6 जवान शहीद हो गए. यह साफ तौर पर देश और सदन को गुमराह करने वाला बयान है, सरासर झूठ है. रक्षा मंत्री संसद जैसी पवित्र जगह पर झूठ कैसे बोल सकते हैं?”
शहीदों के परिवारों और सेना का घोर अपमान : वेणुगोपाल
केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि जुलाई 2025 में सरकार ने दावा किया था कि कोई भारतीय सैनिक शहीद नहीं हुआ, और अब एक साल बाद सेना 6 जवानों की शहादत की घोषणा कर रही है. उन्होंने इसे सेना और शहीदों के परिवारों का घोर अपमान बताया.
वीर जवानों की शहादत को सरकार ने छिपाया : वेणुगोपाल
केसी वेणुगोपाल ने कहा- “हमारे वीर जवानों ने दुश्मनों से देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, लेकिन खुद को राष्ट्रवादी कहने वाली सरकार ने उनकी शहादत को छिपाया और देश से झूठ बोला. देश की जनता को जवानों की बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान से अनभिज्ञ रखना बेहद शर्मनाक है.”
विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई की मांग
वेणुगोपाल ने संसदीय नियमों का हवाला देते हुए कहा कि यह स्थापित नियम है कि यदि कोई मंत्री सदन से जानकारी छिपाता है या गुमराह करता है, तो यह विशेषाधिकार का उल्लंघन और सदन की अवमानना है. इसी आधार पर उन्होंने माननीय लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर रक्षा मंत्री के खिलाफ तुरंत विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया है.

Related Posts
ISRO मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला गिरफ्तार, हाई अलर्ट पर पुलिस
सोते हुए लड़के के चेहरे पर बैठा चमगादड़, महीनेभर बाद हो गई मौत
AI ”विनाशकारी जहर”, न्याय प्रणाली में इंसानी दिमाग ज़रूरी : सुप्रीम कोर्ट