अगर आप इस साल अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने जा रहे हैं, तो आपको टैक्स पोर्टल पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। आपको बता दें कि आयकर विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल पर Receipts not in the nature of income नाम का एक नया कॉलम जोड़ा है। इस नए कॉलम को देखकर कई लोग परेशान हैं कि क्या अब उन पैसों पर भी टैक्स लगेगा जो टैक्स के दायरे में नहीं आते थे। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इससे आपकी टैक्स देनदारी नहीं बढ़ेगी।
क्यों बनाया गया है यह नया कॉलम?
विशेषज्ञों के मुताबिक सरकार ने ये कॉलम टैक्स बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ जानकारी जुटाने के लिए बनाया है। कई बार लोगों के खाते में ऐसा पैसा आता है जो दिखने में कमाई जैसा लगता है, लेकिन असल में वह आपकी सैलरी या बिजनेस की कमाई नहीं होती। सरकार बस ऐसे ही पैसों का हिसाब-किताब अलग से देखना चाहती है। खास बात ये है कि यह कॉलम सिर्फ ऑनलाइन पोर्टल पर दिखेगा, कागजी फॉर्म में नहीं।
इस कॉलम में किन पैसों की जानकारी देनी होगी?
अब तक टैक्सपेयर्स को सिर्फ टैक्स-फ्री कमाई बतानी होती थी। लेकिन इस नए कॉलम में आपको ऐसी रकम की जानकारी देनी होगी जो आपकी इनकम है ही नहीं, जैसे:
1. बैंक या किसी दोस्त-रिश्तेदार से लिया गया लोन।
2. वसीयत या विरासत में मिली कोई जायदाद या पैसा।
3. अपनी कोई निजी पुरानी चीज या संपत्ति बेचने पर मिला पैसा।
4. गांव की खेती की जमीन बेचने से हुई कमाई।
क्या शादी के गिफ्ट और तोहफों पर भी लगेगा टैक्स?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, शादी-ब्याह में मिलने वाले गिफ्ट, रिश्तेदारों से मिले तोहफे और लोन के पैसों पर पहले की तरह ही कोई टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि, इस कॉलम को भरते समय सावधानी रखनी होगी। इसमें सिर्फ वही पैसा दिखाना है जो कमाई की परिभाषा में नहीं आता। जैसा कि ये कॉलम पोर्टल पर बिल्कुल नया है, इसलिए अभी यह साफ नहीं है कि इसे खाली छोड़ने पर फॉर्म सबमिट होगा या नहीं।

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