September 2, 2026

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प्रयागराज में बाढ़ का रेड अलर्ट, गंगा-यमुना के उफान से रिहायशी इलाकों में घुसा पानी

Udaan Desk. प्रयागराज (उत्तरप्रदेश) में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। संगम नगरी में दोनों नदियां उफान पर हैं और नदी किनारे के इलाकों के बाद अब पानी रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच गया है। हालात बिगड़ने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।

गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण प्रयागराज के कई प्रमुख घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। जहां आम दिनों में श्रद्धालुओं और लोगों की आवाजाही रहती थी, वहां अब पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है।

रिवर फ्रंट रोड पूरी तरह डूबी
बाढ़ के पानी का असर शहर के रास्तों पर भी दिखाई देने लगा है। बक्शीबांध से संगम जाने वाली गंगा रिवर फ्रंट रोड पूरी तरह पानी में डूब चुकी है। सड़क पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच चुका है, जिसके बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चिंता सताने लगी है।

घरों में घुसा पानी, सामान सुरक्षित करने में जुटे लोग
कई रिहायशी इलाकों में पानी पहुंचने के बाद लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ परिवार अपने घरों का सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं, जबकि कई लोग ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ ही नदी किनारे रहने वाले लोगों में चिंता का माहौल है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

प्रशासन ने जारी किया रेड अलर्ट
प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया है। संभावित खतरे को देखते हुए राहत चौकियां और राहत कैंप बनाए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल मदद उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन और राहत टीमें लगातार नदी के जलस्तर की निगरानी कर रही हैं। जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव की तैयारियां की जा रही हैं।

फिलहाल गंगा और यमुना के लगातार बढ़ते जलस्तर ने संगम नगरी में बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। कई घाटों के डूबने और रिहायशी इलाकों तक पानी पहुंचने के बाद आने वाले घंटों में स्थिति पर प्रशासन के साथ स्थानीय लोगों की भी नजर बनी हुई है।

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