July 6, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

तीन देशों की यात्रा पर PM मोदी, बहुआयामी साझेदारी को मिलेंगे नए अवसर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को तीन देशों इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस उच्चस्तरीय दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, ‘महासागर’ विजन और एक स्वतंत्र व खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और अधिक बढ़ावा करना है।

प्रधानमंत्री ने रवानगी से पहले अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह यात्रा इन देशों के साथ भारत की बहुआयामी साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने का एक सुनहरा अवसर है।

इंडोनेशिया : रणनीतिक और सांस्कृतिक साझेदारी पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का पहला पड़ाव इंडोनेशिया है, जहां वे राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर 6 से 8 जुलाई तक रहेंगे। गौर करने वाली बात है कि राष्ट्रपति प्रबोवो जनवरी 2025 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि 2018 में उनकी पहली इंडोनेशिया यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’के स्तर पर ले जाया गया था।
इस यात्रा के दौरान वे योग्याकार्ता स्थित ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर परिसर भी जाएंगे, जो दोनों देशों के साझा सांस्कृतिक संबंधों का जीवंत प्रतीक है। इसके साथ ही वे वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी संवाद करेंगे।

ऑस्ट्रेलिया: रक्षा और तकनीक में सहयोग की नई राहें
इंडोनेशिया यात्रा के बाद प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुंचेंगे। वहां वे अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और विस्तार देने पर गहन चर्चा करेंगे। दोनों देशों के बीच होने वाली इस बैठक में रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, शिक्षा और उभरती महत्वपूर्ण तकनीकों जैसे अहम क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, खेल और स्पोर्ट्स साइंस के क्षेत्र में भी आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।

न्यूजीलैंड: आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मिलेगी गति
दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के ऑकलैंड जाएंगे। मार्च 2025 में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की सफल भारत यात्रा के बाद यह दौरा आर्थिक संबंधों को और गति देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेता मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के माध्यम से द्विपक्षीय व्यापार को सशक्त बनाने और वाणिज्यिक सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता पर चर्चा करेंगे।

Spread the love