भारत ने डिफेंस एक्सपोर्ट के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आज यानी 7 जुलाई को भारत और इंडोनेशिया के बीच इंडोनेशियाई सेना को ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों की सप्लाई के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर साइन किए हैं। यह एग्रीमेंट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान हुआ, जो उनके तीन देशों के दौरे का पहला पड़ाव है। इंडोनेशिया ने भारत में स्वदेशी रूप से विकसित ‘अस्त्र’ हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल को खरीदने का भी फैसला किया है।
डिफेन्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) की ओर से विकसित अस्त्र एक बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइल है, जिसे अत्यधिक स्पीड वाले दुश्मन के लड़ाकू विमानों को ट्रैक कर उन्हें मार गिराने के लिए बनाया गया है। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस मिसाइल के प्रभावी परफॉर्मेंस से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पर भरोसा बढ़ा है। माना जा रहा है कि इसी के चलते इंडोनेशिया में इसकी खरीद का रास्ता खुला है और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को भी नई मजबूती मिलेगी। भारत, इंडोनेशिया को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की अतिरिक्त बैटरियां भी उपलब्ध करा सकता है। इसके अलावा, दोनों देशों ने मैरीटाइम सिक्योरिटी एंड मैरीटाइम सेफ्टी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक व्यापक रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच लगातार बढ़ रहा आपसी विश्वास अब दोनों देशों के रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को नई मजबूती दे रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने डिफेन्स सेक्टर में आपसी आदान-प्रदान बढ़ाने, डिजास्टर मैनेजमेंट में मिलकर काम करने और औद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनाई है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस समझौते के बाद भारत में बनने वाली हाई क्वालिटी और किफायती दवाइयां इंडोनेशिया के लोगों तक पहले से ज्यादा आसानी से पहुंच सकेंगी। इसके अलावा भारत, इंडोनेशिया के डॉक्टरों और हेल्थकेयर वर्कर्स के प्रशिक्षण व कपैसिटी बिल्डिंग में भी सहयोग करेगा।
क्रिटिकल मिनरल्स पर बढ़ेगा सहयोग
भारत और इंडोनेशिया ने क्रिटिकल मिनरल्स और स्टील सप्लाई चेन से जुड़ी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी एक समझौते पर साइन किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को मजबूत करना है। ऐसे समय में जब दुनिया के कई देश इन रणनीतिक खनिजों को सुरक्षित करने की होड़ में लगे हैं, यह समझौता भारत और इंडोनेशिया के बीच सहयोग को नई दिशा देगा।
इलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम में भी सहयोग करेगा भारत
सूत्रों के अनुसार, भारत अपनी इलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम की एक्सपर्टीज भी इंडोनेशिया के साथ शेयर करेगा। इसके तहत भारत, इंडोनेशिया की आवश्यकताओं के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में सहयोग करेगा। इसे भारत की इलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम और इलेक्टोरल टेक्निक पर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय भरोसे के रूप में देखा जा रहा है। इस सहयोग के जरिए भारत अपनी इलेक्टोरल टेक्नोलॉजी का अनुभव साउथईस्ट एशिया के इस देश के साथ शेयर करेगा।

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