July 7, 2026

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अटकलों के बीच सरकार ने दी सफाई…E20 पूरी तरह सुरक्षित, E25 पेट्रोल पर अभी फैसला नहीं

देश में 25 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E25) लागू किए जाने की अटकलों के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि E25 को लागू करने का अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि वर्तमान E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) कार्यक्रम को लेकर लोगों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह पिछले ढाई वर्षों से व्यापक परीक्षण और तकनीकी सत्यापन के बाद चरणबद्ध तरीके से सफलतापूर्वक लागू किया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को जल्दबाजी में नहीं बल्कि वैज्ञानिक और तकनीकी मूल्यांकन के आधार पर लागू किया गया। इसके तहत E15 मिश्रण अप्रैल 2023, E19 अप्रैल 2024 और E20 अप्रैल 2025 से चरणबद्ध तरीके से शुरू किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में देश में करीब 20 करोड़ पेट्रोल चालित दोपहिया वाहन और लगभग 20 लाख पेट्रोल चालित चारपहिया वाहन इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि यह कार्यक्रम बड़े स्तर पर सफलतापूर्वक लागू हो चुका है और व्यापक तकनीकी समस्याओं की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

E-25 अभी परीक्षण के चरण में

सरकारी सूत्रों ने उन रिपोर्टों को पूरी तरह खारिज किया है, जिनमें दावा किया गया था कि E-25 जल्द लागू होने वाला है। अधिकारियों के अनुसार, E25 अभी विभिन्न ऑटोमोबाइल कंपनियों और वाहन मॉडलों पर परीक्षण के दौर से गुजर रहा है।

अंतिम परीक्षण रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है और जब तक परीक्षण पूरे नहीं हो जाते, तब तक इस संबंध में कोई नीतिगत फैसला नहीं लिया जाएगा।

सूत्रों ने कहा कि भविष्य में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का कोई भी निर्णय केवल वाहनों की सुरक्षा, इंजन के प्रदर्शन और दीर्घकालिक टिकाऊपन से जुड़े वैज्ञानिक परीक्षणों के आधार पर ही लिया जाएगा।

अफवाहों से बचने की अपील

सरकार ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि E25 लागू करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि वे अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें।

सरकारी सूत्रों ने यह भी दावा किया कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिशें भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को कमजोर करने का प्रयास हो सकती हैं। उनका कहना है कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते कच्चे तेल बाजारों में से एक है और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देना सरकार की रणनीतिक प्राथमिकता है।

सरकार ने दोहराया कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का हर चरण वैज्ञानिक परीक्षण, नियामकीय मंजूरी और तकनीकी सत्यापन के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाएगा तथा भविष्य में किसी भी नए मिश्रण स्तर पर निर्णय पूरी तरह तथ्यों और परीक्षणों के आधार पर ही लिया जाएगा।

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