July 11, 2026

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FIFA World Cup : फ्रांस से भिड़ंत के लिए तैयार स्पेन, डलास में होगा सेमीफाइनल महामुकाबला

स्पेन ने फीफा विश्व कप 2026 के दूसरे क्वार्टर फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली. लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में स्पेन ने दबाव के क्षणों में बेहतरीन संयम दिखाया और अंतिम मिनटों में निर्णायक गोल दागकर जीत अपने नाम कर ली. अब स्पेन का सामना सेमीफाइनल में मौजूदा उपविजेता फ्रांस से होगा. दोनों यूरोपीय दिग्गजों के बीच डलास स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे बड़े मैचों में गिना जा रहा है.

डे ला फुएंते का बड़ा दांव पड़ा सटीक
स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने मुकाबले से पहले अपनी शुरुआती एकादश में बड़ा बदलाव करते हुए स्टार मिडफील्डर पेड्री की जगह फाबियन रूइज को मौका दिया. इस फैसले ने सभी को चौंकाया, लेकिन मैदान पर यही बदलाव स्पेन की जीत का अहम कारण बना. फाबियन रूइज ने पूरे मुकाबले में मिडफील्ड को नियंत्रित किया और पहला गोल कर अपनी उपयोगिता साबित कर दी. उन्होंने आक्रामक और रक्षात्मक दोनों भूमिकाओं में शानदार प्रदर्शन किया.

फाबियन रूइज ने दिलाई शुरुआती बढ़त
मैच की शुरुआत से ही स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार बेल्जियम के डिफेंस पर दबाव बनाया. 30वें मिनट में स्पेन को मेहनत का फल मिला. दानी ओल्मो ने बॉक्स के अंदर शानदार शॉट लगाया, जिसे बेल्जियम के अनुभवी गोलकीपर थिबाउट कूर्तुआ ने बेहतरीन तरीके से रोक लिया. हालांकि, गेंद रीबाउंड होकर फाबियन रूइज के पास पहुंची और उन्होंने बिना कोई गलती किए जोरदार शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया. इस गोल के साथ स्पेन ने मुकाबले में 1-0 की बढ़त बना ली. इसके बाद युवा स्टार लामिन यामाल ने भी अपनी शानदार ड्रिब्लिंग से बेल्जियम के डिफेंस को परेशान किया. उन्होंने गोल करने का बेहतरीन मौका बनाया, लेकिन उनका शॉट मामूली अंतर से पोस्ट के बाहर निकल गया.

डी ब्रुने और डी केटेलारे ने कराई बेल्जियम की वापसी
पहले हाफ के अंतिम मिनटों में बेल्जियम ने शानदार जवाब दिया. टीम के कप्तान केविन डी ब्रुने ने अपनी बेहतरीन विजन का परिचय देते हुए टिमोथी कास्टान्ये को शानदार थ्रू पास दिया. कास्टान्ये ने दाएं फ्लैंक से सटीक क्रॉस बॉक्स के भीतर भेजा, जहां चार्ल्स डी केटेलारे पहले से मौजूद थे. उन्होंने 41वें मिनट में शानदार हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचा दिया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया. इस गोल के बाद मुकाबला पूरी तरह खुल गया और पहले हाफ की समाप्ति तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं.

दूसरे हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष
दूसरे हाफ में स्पेन और बेल्जियम दोनों ने आक्रामक खेल दिखाया. दोनों टीमों ने कई अच्छे मौके बनाए, लेकिन दोनों ओर के डिफेंस और गोलकीपरों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल नहीं होने दिया. स्पेन लगातार गेंद पर नियंत्रण बनाए हुए था, जबकि बेल्जियम तेज काउंटर अटैक के जरिए बढ़त हासिल करने की कोशिश करता रहा. मुकाबले के अंतिम 20 मिनट बेहद रोमांचक रहे और दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरा जोर लगा दिया.

कूर्तुआ की चोट बनी बेल्जियम के लिए बड़ा झटका
71वें मिनट में बेल्जियम के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई. उनके अनुभवी गोलकीपर थिबाउट कूर्तुआ चोटिल होकर बाहर हो गए, जिसके बाद युवा खिलाड़ी सेने लामेन्स को गोल संभालने के लिए आना पड़ा. कूर्तुआ के जाने से बेल्जियम का डिफेंस कमजोर पड़ गया और स्पेन ने इस मौके का फायदा उठाकर मैच पर पकड़ बना ली।

मेरिनो ने 88वें मिनट में दिलाई ऐतिहासिक जीत
मुकाबले का सबसे बड़ा पल 88वें मिनट में आया. स्पेन के युवा डिफेंडर पाउ क्यूबार्सी ने दूर से जोरदार शॉट लगाया. बेल्जियम के नए गोलकीपर सेने लामेन्स इस शॉट को पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सके और गेंद उनके हाथों से छूटकर सामने आ गई. रीबाउंड पर हाल ही में मैदान में उतरे मिकेल मेरिनो ने किसी भी तरह की गलती नहीं की. उन्होंने तेज और सटीक शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया. इस गोल के साथ स्पेन ने 2-1 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली. अंतिम मिनटों में बेल्जियम ने बराबरी के लिए पूरा दम लगाया, लेकिन स्पेनिश डिफेंस ने कोई मौका नहीं दिया और अंतिम सीटी बजते ही स्पेन ने सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया.

फ्रांस से होगा सेमीफाइनल का महामुकाबला
इस जीत के साथ स्पेन फीफा विश्व कप 2026 के अंतिम चार में पहुंच गया है. अब उसका सामना मौजूदा उपविजेता फ्रांस से होगा. डलास स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला विश्व फुटबॉल के दो सबसे मजबूत यूरोपीय देशों के बीच होगा और इसे टूर्नामेंट के सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबलों में से एक माना जा रहा है. स्पेन शानदार लय में दिखाई दे रहा है, जबकि फ्रांस भी पूरे टूर्नामेंट में प्रभावशाली प्रदर्शन करता आया है. ऐसे में दोनों टीमों के बीच होने वाला यह मुकाबला विश्व कप फाइनल से पहले किसी फाइनल से कम नहीं माना जा रहा.

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