July 17, 2026

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BJP अनुसूचित जाति मोर्चा का अल्टीमेटम, 7 दिन में पीड़ित छात्रा को मिले न्याय…नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन

मध्य प्रदेश के सिवनी जिला निवासी एक पीड़ित छात्रा का आरोप है कि उस पर जबरन निकाह करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा है...
  • अनुसूचित जाति की बेटी को न्याय दिलाने भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन
  • 300 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ जिला अध्यक्ष वीरेंद्र डहेरिया ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

सिवनी। अनुसूचित जाति वर्ग की एक पीड़ित छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा, जिला सिवनी ने शुक्रवार को पुलिस प्रशासन के समक्ष जोरदार शक्ति प्रदर्शन करते हुए बड़ा आंदोलन छेड़ने का संकेत दिया है। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र डहेरिया के नेतृत्व में लगभग 300 से अधिक भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, पीड़ित परिवार एवं अनुसूचित जाति समाज के नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन पुलिस एसडीओपी को सौंपा। ज्ञापन की एक प्रति जिला कलेक्टर, सिवनी को भी सौंपी गई।

जिला अध्यक्ष वीरेंद्र डहेरिया ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग की छात्रा द्वारा गंभीर आरोपों के संबंध में विधिवत लिखित शिकायत पुलिस प्रशासन को दी जा चुकी है। इसके बावजूद यदि कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई नहीं होती है, तो यह केवल एक पीड़ित परिवार का विषय नहीं, बल्कि समाज में कानून के शासन और न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास का भी प्रश्न है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा का उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं, बल्कि पीड़िता की शिकायत की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराना है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा अनुसूचित जाति समाज की बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के लिए सदैव संघर्ष करता रहा है और आगे भी करता रहेगा। यदि समाज की किसी बेटी के साथ अन्याय होता है तो संगठन पूरी संवैधानिक शक्ति के साथ उसके साथ खड़ा रहेगा और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

जिला अध्यक्ष वीरेंद्र डहेरिया ने कहा कि ज्ञापन में पुलिस प्रशासन से मांग की गई है कि शिकायत की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर कानून के अनुसार आवश्यक होने पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए, पीड़िता एवं उसके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए तथा जांच में दोष सिद्ध होने पर संबंधित आरोपी के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की निगरानी किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से कराई जाए, ताकि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरी हो सके।

उन्होंने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ज्ञापन प्राप्त होने के सात दिवस के भीतर कानून के अनुरूप उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो आठवें दिन भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सिवनी के समक्ष आमरण अनशन प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संविधान सम्मत होगा और पीड़िता को न्याय मिलने तक निरंतर जारी रहेगा।

इस अवसर पर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष संतोष नागपुरे, पूर्व जिला महामंत्री अजय डागोरिया, जिला मंत्री मुनिया टांक, मयूर दुबे, मनोज नामदेव, खटीक समाज से एडवोकेट महेश लारोकर, वंशकार समाज से सुखदेव जी, अहिरवार समाज के नगर अध्यक्ष प्रमोद अहिरवार, मांग समाज से राजकुमार फर्बे, विजय नंदन, संतोष माना ठाकुर, नरेश माना ठाकुर सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, पीड़ित परिवार के सदस्य तथा अनुसूचित जाति समाज के बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

ज्ञापन में मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, पुलिस महानिदेशक, महानिरीक्षक पुलिस, जिला कलेक्टर, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग एवं मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग सहित संबंधित अधिकारियों को भी प्रतिलिपि प्रेषित किए जाने का उल्लेख किया गया।

इस दौरान जिला अध्यक्ष वीरेंद्र डहेरिया ने अंत में कहा कि, “अनुसूचित जाति समाज की किसी भी बेटी के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन सात दिनों में प्रभावी कार्रवाई नहीं करता है, तो भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा आमरण अनशन सहित लोकतांत्रिक जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। पीड़िता को न्याय मिलने तक हमारा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।”

छात्रा ने लगाए हैं यह गंभीर आरोप

गौरतलब है कि, मध्यप्रदेश के सिवनी जिला मुख्यालय निवासी एक छात्रा ने ग्राम भोमा (थाना कहानीवाड़ा) निवासी सोहेल पिता अमीर खान पर बेवजह परेशान करने, निकाह करने और धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा ने यह भी कहा है कि उसे उक्त युवक द्वारा जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। इस संबंध में पीड़ित छात्रा ने 15 जुलाई 2026 को लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक सिवनी को सौंपकर कार्यवाही की मांग की थी। मामले में अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से कार्यवाही नहीं की गई है।

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