असम के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है तथा ऊपरी असम के कई जिलों में बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए भारतीय सेना को तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि उनके मंत्रिमंडल के चार सहयोगी मौके पर मौजूद हैं और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। सीएमओ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ”शिवसागर में अब तक एसडीआरएफ और अग्निशमन एवं आपात सेवा कर्मियों ने 510 लोगों को सुरक्षित बचाया है। दुर्गम इलाकों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त नौकाएं और सेना के हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं।”
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि चराइदेव में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और भारतीय सेना की टीम तैनात की गई हैं तथा प्रभावित लोगों की सुरक्षा और सहायता के लिए राहत उपाय किए जा रहे हैं। इससे पहले रविवार रात शर्मा ने कहा था कि राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित कई जिलों में स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए सेना और वायुसेना को तैयार रहने का अनुरोध किया है।
सीएमओ ने कहा कि जोरहाट, चराइदेव और शिवसागर के संवेदनशील इलाकों में बाढ़ नियंत्रण कार्य जारी हैं। दिक्खो नदी के तटबंध पर रेत से भरी बोरियां लगाई जा रही हैं, दिसांग नदी के किनारे मजबूती के लिए रेत के बैग का इस्तेमाल किया जा रहा है और नोराकोंवर बैलुंग गांव में झांजी तटबंध पर भी बाढ़ रोधी कार्य जारी है। इसने बताया कि झांजी नदी का जलस्तर घट रहा है और सुबह की तुलना में इसमें 0.04 मीटर की कमी दर्ज की गई है।
सीएमओ ने कहा कि शिवसागर जल संसाधन संभाग के तहत हाथीघुली ग्राम पंचायत के नोराकोंवर बैलुंग गांव में झांजी तटबंध के दाहिने किनारे के कमजोर हिस्से को मजबूत करने का काम चल रहा है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुई अभूतपूर्व बारिश ने शिवसागर और आसपास के जिलों में बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने कहा, ”हम प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बचाव कार्य जारी है और राहत प्रयासों में तेजी सुनिश्चित करने के लिए मौके पर मौजूद मंत्रियों की टीम इसकी निगरानी कर रही है।”
शर्मा ने रविवार को अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों अजंता नियोग, बिमल बोरा, केशब महंत और सुशांत बोरगोहेन को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने और प्रत्येक प्रभावित परिवार को समय पर सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। उद्योग, वाणिज्य और सार्वजनिक उद्यम मंत्री बिमल बोरा ने बताया कि वह सोमवार सुबह शिवसागर पहुंचे और शिवसागर तथा चराइदेव के जिला आयुक्तों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की, जहां बचाव अभियान तेजी से चल रहा है।
शर्मा ने कहा कि उन्होंने शिवसागर जिले के सेरेकापोरा क्षेत्र का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। बोरा ने कहा कि असम सरकार समय पर बचाव, राहत, पुनर्वास और आवश्यक सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है। जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहेन ने कहा कि डेमो विधानसभा क्षेत्र के बोकोटा-लाकुवा मंडल के लोनपोरिया और आसपास के गांवों में बाढ़ के कारण प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है।
उन्होंने कहा कि आसपास के अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों में भी बचाव अभियान जारी रहेगा और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशब महंत ने कहा कि ऊपरी असम में बाढ़ की ताजा स्थिति का आकलन करने और जारी राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए उन्होंने सोमवार सुबह जोरहाट और शिवसागर का दौरा किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने टियोक में स्थिति का जायजा लिया और बाढ़ प्रभावित स्थानीय लोगों से बातचीत की।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ के कारण शिवसागर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके साथ ही इस साल बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। एएसडीएमए ने बताया कि चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, जोरहाट, शिवसागर, तिनसुकिया और उदलगुड़ी जिलों में 57,100 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

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