उड़ान डेस्क। भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI डिजिटल पेमेंट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला तरीका बन चुका है। जून 2026 में UPI के जरिए 22.72 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल रकम ₹28.92 लाख करोड़ रही। इस दौरान हर दिन औसतन 75.7 करोड़ ट्रांजैक्शन किए गए।
आज लोग क्यूआर कोड स्कैन करके या मोबाइल नंबर डालकर तुरंत पैसे भेज सकते हैं। लेकिन इंटरनेट न होने पर UPI पेमेंट करना मुश्किल हो जाता है। अब ऐसी नई सुविधा पर काम होने की खबर है, जिसमें यूजर के फोन और दुकानदार की पेमेंट मशीन दोनों में इंटरनेट न होने पर भी पेमेंट किया जा सकेगा।
फोन टैप करके हो सकेगा पेमेंट
रिपोर्ट के मुताबिक, नई सुविधा में यूजर दुकानदार की पीओएस मशीन पर अपना फोन टैप करके पेमेंट कर सकेगा। इसके लिए फोन और पीओएस मशीन, दोनों में एनएफसी टेक्नोलॉजी होना जरूरी होगा।
यह तरीका ठीक वैसा होगा, जैसे लोग कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट या डेबिट कार्ड को मशीन पर टैप करके पेमेंट करते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI इस साल बड़ी कंपनियों की पीओएस मशीनों को मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
हालांकि, एनपीसीआई ने इस रिपोर्ट पर अभी कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया है।
अभी बिना इंटरनेट UPI पेमेंट कैसे होता है?
UPI पर बिना इंटरनेट पेमेंट की सुविधा पहले से UPI LITE X के जरिए मिलती है। इसे 2023 में शुरू किया गया था। इसमें पेमेंट करते समय पैसे भेजने वाले और पैसे लेने वाले, दोनों को इंटरनेट की जरूरत नहीं होती। यह सुविधा उन जगहों पर काम आ सकती है, जहां नेटवर्क कमजोर हो या बिल्कुल न हो। जैसे दूर के इलाके, अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन या दूसरी कम नेटवर्क वाली जगहें।
एनपीसीआई के मुताबिक, यूपीआई लाइट एक्स अभी एंड्रॉयड मोबाइल पर उपलब्ध है। ऑफलाइन पेमेंट के लिए पैसे भेजने वाले और लेने वाले, दोनों के फोन में यूपीआई लाइट एक्स चालू होना चाहिए।
पेमेंट एनएफसी के जरिए होता है। रकम भेजने वाले के लाइट वॉलेट से पैसा कटकर लेने वाले के लाइट वॉलेट में तुरंत पहुंच जाता है। अभी यूपीआई लाइट एक्स से एक बार में ज्यादा से ज्यादा ₹500 का ऑफलाइन पेमेंट किया जा सकता है।
नई सुविधा में क्या अलग होगा?
रिपोर्ट के मुताबिक, नई सुविधा यूपीआई लाइट एक्स जैसी ऑफलाइन पेमेंट सेवा को दुकानदारों की पीओएस मशीन तक ले जाएगी। इसमें एक बार में ₹2,000 तक पेमेंट किया जा सकेगा।
इंटरनेट न होने पर मशीन पेमेंट की जानकारी सेव कर लेगी। नेटवर्क वापस आने के बाद ट्रांजैक्शन को जांच के लिए आगे भेजा जाएगा।

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