July 25, 2026

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एक्सिस म्यूचुअल फंड फ्रंट-रनिंग केस : पूर्व चीफ डीलर समेत 20 अन्य पर ₹7.5 करोड़ का जुर्माना, दो लोग बाजार से 7 साल के लिए बैन

उड़ान डेस्क। एक्सिस म्यूचुअल फंड के पॉपुलर फ्रंट-रनिंग मामले में SEBI ने बड़ा एक्शन लिया है। मार्केट रेग्युलेटर ने पूर्व चीफ डीलर विरेश जोशी समेत 20 अन्य लोगों पर कुल 7.5 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। जांच में सामने आया कि इन लोगों ने एक्सिस म्यूचुअल फंड के बड़े ऑर्डर से पहले ट्रेडिंग कर अवैध मुनाफा कमाया। इसके अलावा, विरेश जोशी और दुबई के ट्रेडर प्रिजेश कुरानी को 7 साल के लिए शेयर बाजार से भी बैन कर दिया गया है। SEBI की जांच में पाया गया कि विरेश जोशी सितंबर 2021 से मार्च 2022 के बीच एक्सिस म्यूचुअल फंड में चीफ डीलर थे। इस दौरान उन्होंने फंड के होने वाले बड़े ट्रेड से जुड़ी गोपनीय जानकारी का गलत इस्तेमाल किया। नियामक के मुताबिक, उन्होंने यह जानकारी दुबई में रहने वाले ट्रेडर प्रिजेश कुरानी के साथ शेयर की।

कई अकाउंट के जरिए की गई ट्रेडिंग
SEBI के अनुसार, गोपनीय जानकारी मिलने के बाद प्रिजेश कुरानी ने मल्टीपल पार्टनर अकाउंट के जरिए उन शेयरों में पहले ही ट्रेडिंग की। बाद में जब एक्सिस म्यूचुअल फंड ने उन्हीं शेयरों में बड़े ऑर्डर दिए, तो इस ट्रेडिंग से अवैध मुनाफा कमाया गया। जांच में SEBI ने इसे फ्रंट-रनिंग का मामला माना।

SEBI ने मामले को बेहद गंभीर बताया
SEBI ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में विरेश जोशी की भूमिका सिर्फ गोपनीय जानकारी देने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनकी गतिविधियां इससे कहीं ज्यादा गंभीर थीं। मार्केट रेग्युलेटर के मुताबिक, इस फ्रंट-रनिंग मामले में अवैध तरीके से कमाया गया मुनाफा ऐसे अन्य मामलों की तुलना में काफी ज्यादा था। SEBI ने यह भी कहा कि 31 मार्च 2022 तक एक्सिस म्यूचुअल फंड के करीब 1.28 करोड़ इन्वेस्टर अकाउंट्स थे। इतनी बड़ी संख्या में निवेशकों से जुड़े फंड के साथ इस तरह की गतिविधि बाजार की निष्पक्षता के लिए गंभीर खतरा मानी गई।

SEBI के फुल-टाइम मेंबर बीजू एस ने अपने 146 पन्नों के आदेश में कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद सबूत बताते हैं कि विरेश जोशी केवल जानकारी पहुंचाने वाले व्यक्ति नहीं थे। जांच के अनुसार, उन्होंने पूरी योजना तैयार की, इसके इम्प्लीमेंटेशन के लिए दुबई के ट्रेडर प्रिजेश कुरानी के साथ तालमेल बनाया, ट्रेडिंग एक्टिविटीज को निर्देशित किया और पूरे ऑपरेशन को ऑपरेट करने में अहम भूमिका निभाई।

दुबई की कंपनी के जरिए छिपाया गया पैसों का रास्ता
SEBI के आदेश के मुताबिक, विरेश जोशी ने कथित तौर पर दुबई स्थित एक कंपनी के जरिए अवैध कमाई को ट्रांसफर कराने में भी मदद की। SEBI का कहना है कि यह कंपनी इस योजना को आगे बढ़ाने और अवैध कमाई के स्रोत (ट्रेल ऑफ इलिसिट प्रोसीड्स) को छिपाने के उद्देश्य से बनाई गई प्रतीत होती है। SEBI ने कहा कि विरेश जोशी ने खुद स्वीकार किया है कि इस अवैध फ्रंट-रनिंग योजना से उन्होंने संयमित अनुमान के आधार पर करीब 18.33 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया। यह कन्फेशन भी जांच में एक महत्वपूर्ण आधार बनी।

रिश्तेदारों और सहयोगियों के अकाउंट्स से की गई ट्रेडिंग
नियामक के अनुसार, प्रिजेश कुरानी ने अपने रिश्तेदारों, सहयोगियों और अन्य संस्थाओं के नाम पर मौजूद कई ट्रेडिंग अकाउंट्स का इस्तेमाल किया। इन अकाउंट्स के जरिए एक्सिस म्यूचुअल फंड के बड़े खरीद या बिक्री के ऑर्डर बाजार में आने से कुछ ही क्षण पहले ट्रेड किए जाते थे। SEBI के मुताबिक, इसी तरीके से पहले पोजिशन लेकर बाद में फंड के बड़े ऑर्डर का फायदा उठाकर अवैध मुनाफा कमाया गया।

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