उड़ान डेस्क। पैसों की जरूरत कभी भी किसी को भी पड़ सकती है. ऐसी स्थिति के लिए हर व्यक्ति को पहले से ही तैयार रहना चाहिए और इमरजेंसी फंड तैयार रखना चाहिए. जिन लोगों के पास इमरजेंसी फंड नहीं होता है, वह अक्सर ऐसी स्थिति में या तो अपनी सेविंग्स का इस्तेमाल करते हैं या फिर बैंक से लोन लेते हैं. अब दोनों में से क्या सही फैसला है. आइए जानते हैं इस बारे में…
SIP बंद करने के नुकसान
अगर आप अपनी SIP बीच में बंद करते हैं और अपने फंड का इस्तेमाल करते हैं तो इसके कई नुकसान होते हैं, जो कुछ इस तरह से हैं-
कंपाउंडिंग का लाभ नहीं मिलता है
कई फंड्स में एग्जिट लोड और कैपिटल गेन टैक्स भी देना पड़ सकता है। बाजार के ऊपर जाने पर आप अतिरिक्त लाभ खो सकते हैं।
इन नुकसान को देखते हुए SIP बंद करना नुकसानदायक होता है लेकिन अगर आप लोन की EMI भरने में सक्षम नहीं है तो आपके लिए SIP बंद करना बेस्ट हो सकता है यानी दोनों में से कौन सा ऑप्शन बेस्ट है, यह हर व्यक्ति की स्थिति के हिसाब से अलग अलग हो सकता है.
लोन लेना कब होता है बेहतर
अगर आपको जरूरत कुछ समय के लिए है और आपको कम ब्याज पर लोन मिल रहा है, तो विशेषज्ञ इसे बेहतर विकल्प मानते हैं. खासतौर पर म्यूचुअल फंड पर लोन लेने से आपका निवेश बाजार में बना रहता है और जरूरत के लिए पैसा भी मिल जाता है. ऐसी स्थिति में लोन लेना बेहतर होता है.
हालांकि, हर लोन सही नहीं होता है. विशेषज्ञों का कहना है कि क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन जैसे महंगे विकल्पों से बचना चाहिए. इनकी ब्याज दर 20% से 30% या उससे भी ज्यादा हो सकती है. ऐसे में केवल निवेश बचाने के लिए इतना महंगा लोन लेना समझदारी नहीं है.
किसी भी ऑप्शन को चुनने से पहले एक बार यह जरूर समझ लें कि आपको पैसों की जरूरत कितने समय के लिए है, लोन की ब्याज दर कितनी है, आपका निवेश लक्ष्य कितना लंबा है और क्या आप समय पर लोन चुका पाएंगे. इन सभी बातों को ध्यान में रखकर ही फैसला लें.

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