बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में देवा कस्बे की एक मजार पर ‘झाड़-फूंक’ के नाम पर एक विवाहिता को 10 दिन तक खंभे से बांधकर रखने और कथित इलाज के दौरान मंगलवार की रात उसकी मौत हो जाने के मामले में देवा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसके पति, एक कथित तांत्रिक और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि सोमवार शाम लखनऊ के गोमतीनगर निवासी 33 वर्षीय रूबी यादव की तबीयत बिगड़ने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवा लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे देर रात मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मानसिक बीमारी के उपचार के नाम पर उसे करीब 10 दिन से देवा में स्थित एक मजार पर, जो सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह से अलग और कुछ दूरी पर है, खंभे से बांधकर ‘झाड़-फूंक’ करायी जा रही थी।
मृतका के पिता प्रमोद यादव ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि उनके दामाद अंकित यादव, कथित तांत्रिक मुन्ना तथा उसके सहयोगी कदीर अहमद ने इलाज के नाम पर रूबी को कई दिनों तक खंभे से बांधकर रखा और झाड़-फूंक करते रहे और इसी दौरान उसकी हालत बिगड़ी, जिससे उसकी मौत हो गई। प्रभारी निरीक्षक आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मृत महिला के पति, कथित बाबा और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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