उड़ान डेस्क। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रेसवार्ता कर कहा, राम मंदिर में जो भी घटना हुई है, उसका संतों से कोई लेना-देना नहीं है। संतों को कठघरे में खड़ा करना बेहद चिंताजनक है और यह आस्था पर चोट करने जैसा है।
पूरा सच रामभक्त जानते हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा हमेशा से सनातन विरोधी रही है और यही लोग राम जन्मभूमि आंदोलन का लगातार विरोध करते रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 22 जनवरी 2024 में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए सभी को आमंत्रित किया गया था, लेकिन विपक्ष के नेता उसमें शामिल नहीं हुए। अब वही लोग आस्था की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग अयोध्या की गलियों को खून से लाल कर चुके हैं, वे आज आस्था की बात कर रहे हैं। जो भगवान कृष्ण को नहीं मानते, वे भी आज धर्म की दुहाई दे रहे हैं।”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 22 जनवरी 2024 में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए सभी को आमंत्रित किया गया था, लेकिन विपक्ष के नेता उसमें शामिल नहीं हुए। अब वही लोग आस्था की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग अयोध्या की गलियों को खून से लाल कर चुके हैं, वे आज आस्था की बात कर रहे हैं। जो भगवान कृष्ण को नहीं मानते, वे भी आज धर्म की दुहाई दे रहे हैं।”

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