Udaan Desk. बेंगलुरु में स्विगी, जोमैटो, क्लियरट्रिप, फ्लिपकार्ट, ओला और वॉलमार्ट लैब्स में काम कर चुके पूर्व प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी लीडर अनुज राठी और प्रशांत पराशर ने ProFound लॉन्च किया है। यह एक ग्लोबल AI-नेटिव प्लेटफॉर्म है, जहां हर प्रोफेशनल को अपना AI असिस्टेंट मिलेगा। कंपनी ने लॉन्च के साथ 1.5 मिलियन डॉलर का सीड फंड भी जुटाया है और पहले ग्रुप के लिए अर्ली एक्सेस शुरू कर दिया है।
बड़े टेक फाउंडर्स ने किया निवेश
ProFound के सीड राउंड में कई बड़े टेक फाउंडर्स और कारोबारियों ने पैसा लगाया है। इनमें स्विगी के CEO श्रीहर्ष मजेटी, स्विगी के को-फाउंडर नंदन रेड्डी, पूर्व जोमैटो लीडर पंकज चड्डा, रेजरपे के CEO हर्षिल माथुर, WhatsApp के ग्लोबल हेड कुणाल शाह और ऑफबिजनेस के को-फाउंडर भुवन गुप्ता शामिल हैं। इसके अलावा स्टेलारिस वेंचर पार्टनर्स और 3one4 कैपिटल ने भी इस फंडिंग राउंड में निवेश किया है।
फंडिंग का कहां होगा इस्तेमाल
कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल अपनी इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट टीमों को मजबूत करने के लिए करेगी। इसके साथ ही AI क्षमताओं, मैचिंग सिस्टम और इंट्रोडक्शन इंजन को बेहतर बनाया जाएगा। अगले एक साल में ProFound का लक्ष्य अपना फाउंडिंग नेटवर्क तैयार करना और बड़े बीटा रोलआउट से पहले दुनिया भर के 10 लाख प्रोफेशनल्स को प्लेटफॉर्म से जोड़ना है।
कैसे काम करेगा AI असिस्टेंट
ProFound पर हर प्रोफेशनल को अपना AI असिस्टेंट मिलेगा। इसकी शुरुआत करीब 30 मिनट की वॉइस बातचीत से होगी। इस बातचीत के जरिए AI असिस्टेंट व्यक्ति के काम के अनुभव, हुनर, काम करने के तरीके, करियर के लक्ष्य और जरूरतों को समझेगा। इसके बाद यह AI असिस्टेंट बैकग्राउंड में काम करेगा। यह प्रोफेशनल के लिए नए काम के मौके खोजेगा, सही लोगों से जुड़ने में मदद करेगा और बेहतर प्रोफेशनल रिश्ते बनाने में साथ देगा।
हायरिंग मैनेजर्स के लिए भी सुविधा
ProFound हायरिंग मैनेजर्स को रोल और टीम के लिए भी AI प्रतिनिधि बनाने की सुविधा देता है। नेचुरल बातचीत के जरिए फाउंडर्स और हायरिंग लीडर्स किसी जॉब की जरूरतों को पारंपरिक जॉब डिस्क्रिप्शन से ज्यादा गहराई से समझा सकते हैं। इससे सही टैलेंट की तलाश, बेहतर मैचिंग और ज्यादा असरदार सहयोग संभव हो सकता है।
फिलहाल चुनिंदा प्रोफेशनल्स के लिए शुरू
ProFound फिलहाल चुनिंदा प्रोफेशनल्स के लिए अर्ली एक्सेस प्रोग्राम चला रहा है। कंपनी इस साल के आखिर तक ज्यादा लोगों के लिए बीटा एक्सेस शुरू करने की तैयारी में है। उसका लक्ष्य ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना है, जहां AI असिस्टेंट लोगों और कंपनियों को बेहतर तरीके से जोड़ सकें और नौकरी, टीम बनाने व बिजनेस के नए मौके तलाशने में मदद करें।

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