September 3, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

डिपॉजिट का नया रिकॉर्ड : भारतीय बैंकिंग सिस्टम में 115 अरब डॉलर की बढ़ोतरी

Udaan Desk. भारत के बैंकिंग सिस्टम में जमा राशि तेजी से बढ़ रही है और पिछले तीन पखवाड़ों (दो हफ्ते की अवधि) में यह रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। ट्रेडर्स का कहना है कि इसकी मुख्य वजह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ‘फॉरेन-करेंसी नॉन-रेसिडेंट’ (FCNR) स्कीम के तहत बैंकों में डॉलर का आना है।

RBI के डेटा के अनुसार, 31 जुलाई तक तीन पखवाड़ों में बैंकिंग सिस्टम में जमा राशि में कुल 11 ट्रिलियन रुपए ($115.25 बिलियन) की बढ़ोतरी हुई। 1 अप्रैल से 15 जून के बीच जमा राशि में 3.87 ट्रिलियन रुपए की शुद्ध कमी देखी गई थी। जून में, RBI ने NRI जमा राशि को आकर्षित करने के लिए डिस्काउंटेड स्वैप विंडो की घोषणा की और लेंडर्स (ऋण देने वालों) व सरकारी कंपनियों को सस्ता डॉलर फंड जुटाने के लिए प्रोत्साहित किया। RBI के डेटा के अनुसार, जुलाई के अंत तक इन स्कीमों में लगभग $41 बिलियन का इनफ्लो (पैसा आना) देखा गया।

डॉलर को रुपए में बदलने की प्रक्रिया तेज
एक सरकारी बैंक के ट्रेडर का कहना है, “डॉलर को रुपए में बदलने की प्रक्रिया तेज हो गई है, जो हाल ही में जमा राशि में बढ़ोतरी का मुख्य कारण है।” बैंकिंग सिस्टम में कुल जमा राशि रिकॉर्ड 269.4 ट्रिलियन रुपए है, जो अप्रैल से शुरू होने वाले फाइनेंशियल ईयर के पहले चार महीनों में 7.1 ट्रिलियन रुपए बढ़ी है। ICICI सिक्योरिटीज प्राइमरी डीलरशिप का कहना है कि आगे चलकर क्रेडिट की स्थिति मजबूत रहने की संभावना है, क्योंकि FCNR इनफ्लो के कारण जमा राशि में बढ़ोतरी से बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट रेश्यो में असंतुलन ठीक हो रहा है।

Spread the love