September 3, 2026

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ईरान पर सबसे बड़ी आर्थिक पाबंदी लगाएंगे ट्रंप, मददगारों को भी अल्टीमेटम

उड़ान डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज, 20 अगस्त को ईरान पर बड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के साथ समझौते का जितना मौका दिया, उतना किसी और ने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि ईरानी नेताओं ने इस मौके का फायदा नहीं उठाया।

इसके बाद ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि वह किसी भी देश के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई करने जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान के खिलाफ यह आर्थिक युद्ध अभूतपूर्व स्तर का होगा।

आर्थिक रूप से कमजोर करना उद्देश्य
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करना और दुनिया से अलग-थलग करना है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर ईरान ने अमेरिकी शर्तों को नहीं माना, तो उसे और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा अमेरिका ईरान के खिलाफ किसी भी देश के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा इकोनॉमिक ऑपरेशन शुरू करेगा। इसके साथ ही उन्होंने ईरान को प्रतिबंध से बचने में मदद करने वाले किसी भी देश पर भारी वित्तीय दंड लगाने की धमकी देगा।

ईरान की सैन्य क्षमता खत्म
ट्रंप ने कहा कि, यह पहले कभी नहीं हुआ इकोनॉमिक वॉरफेयर और आइसोलेशन होगा। ईरान की नेवी, एयर फोर्स और सैन्य उत्पादन सुविधा को खत्म कर दिया गया है और उसकी करेंसी बेकार हो गई है, ट्रंप ने दावा किया कि सरकार एक धागे से लटकी हुई है।

उन्होंने कहा कि कोई भी देश जिसके फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन, बिजनेस, एयरपोर्ट या सरकारी एंटिटी ईरान की मदद करते हैं, उन्हें खुद बड़े इकोनॉमिक नतीजों का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने तेल की तस्करी, करेंसी स्वैप लाइन, कैश ट्रांसफर, एक्सचेंज हाउस, शिप रजिस्ट्री और फ्रंट कंपनियों को ऐसे चैनल बताया जिन्हें वह तुरंत बंद करना चाहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान को कभी भी न्यूक्लियर हथियार बनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

अमेरिकी प्रतिबंध बातचीत में रुकावट
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि पिछले बार के प्रतिबंध ईरान  को झुकने पर मजबूर करने में नाकाम रहने के बाद अमेरिकी प्रशासन ने प्रतिबंधो को और सख्त कर दिया है। उन्होंने इस तरीके को लड़ाई से बातचीत के जरिए बाहर निकलने में रुकावट बताया है।

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