Udaan Desk. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 4 सितंबर को रात 2 बजकर 25 मिनट से शुरू होगी और 5 सितंबर को रात 12 बजकर 13 मिनट पर समाप्त होगी। वहीं रोहिणी नक्षत्र 4 सितंबर को रात 12 बजकर 29 मिनट से शुरू होकर रात 11 बजकर 04 मिनट तक रहेगा।
कृष्ण जन्माष्टमी 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के लिए मध्यरात्रि का समय सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। 4 सितंबर की रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। व्रत रखने वाले श्रद्धालु 5 सितंबर की सुबह 6:01 बजे के बाद पारण कर सकते हैं।
भगवान कृष्ण के प्रमुख पांच धार्मिक स्थल
उत्तर प्रदेश में स्थित मथुरा और वृंदावन भगवान कृष्ण के प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। ये दोनों ही स्थान पौराणिक कहानियों से जुड़े हुए हैं। मथुरा भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मानी जाती है, वहीं वृंदावन उनके द्वारा बनाई गई जगह मानी जाती है। यहां के मंदिरों में जाकर भक्त भगवान कृष्ण के दर्शन कर सकते हैं और उनकी लीलाओं का अनुभव कर सकते हैं। आइए यहां स्थित भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर के बारे में जानते हैं।
1. बांके बिहारी मंदिर
बांके बिहारी मंदिर वृंदावन का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है, जहां भगवान कृष्ण को बांके बिहारी के नाम से पूजा जाता है। इस मंदिर की स्थापना 1862-1864 में हुई थी और तब से यह श्रद्धालुओं के लिए खुला है। यहां हर दिन हजारों भक्त आते हैं और भगवान कृष्ण के दर्शन करते हैं। इस मंदिर की खासियत इसकी सुंदर बनावट और धार्मिक महत्व है। यहां की पूजा विधि भी बहुत अनोखी है, जो भक्तों को अपनी ओर खींचती है।
2. कृष्ण जन्मभूमि मंदिर
कृष्ण जन्मभूमि मंदिर मथुरा में स्थित है, जहां भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। यह एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ आते हैं। इस मंदिर की बनावट बहुत सुंदर है और यह कई ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह रहा है। यहां हर दिन हजारों भक्त आते हैं और भगवान कृष्ण के दर्शन करते हैं। इस मंदिर की पूजा विधि भी बहुत अनोखी है, जो भक्तों को अपनी ओर खींचती है।
3. इस्कॉन मंदिर वृंदावन
वृंदावन में स्थित इस्कॉन मंदिर भी बहुत प्रसिद्ध है। यह अंतरराष्ट्रीय श्री कृष्ण चेतना संगठन द्वारा संचालित होता है और यहां भगवान कृष्ण को विभिन्न रूपों में पूजा जाता है। इस्कॉन मंदिर की खास बात यह है कि यहां भक्तिभाव बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा यहां भक्तों को शांति और सुकून मिलता है। यहां की सुंदरता और वातावरण भक्तों को आकर्षित करता है।
4. राधा रमण मंदिर
राधा रमण मंदिर वृंदावन में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां भगवान कृष्ण अपने राधिका संगम रूप में पूजा जाते हैं। इस मंदिर की खासियत यह है कि इसमें भगवान कृष्ण की प्रतिमा एक विशेष प्रकार के राधिका संगम रूप में स्थापित की गई है। इस प्रकार मथुरा-वृंदावन यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से अहम है, बल्कि यह हमें हमारी सांस्कृतिक धरोहर से भी जोड़ती है।
5. राधा दामोदर मंदिर
राधा दामोदर मंदिर वृंदावन में स्थित एक पुराना मंदिर है, जो राधा-कृष्ण प्रेम को समर्पित है। इस मंदिर की स्थापना 1542 ईस्वी में हुई थी और यह भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है। यहां आने वाले भक्त भगवान कृष्ण और राधा रानी की लीलाओं का अनुभव कर सकते हैं। इस प्रकार मथुरा-वृंदावन में स्थित ये 5 प्रमुख कृष्ण मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर भी संजोए हुए हैं।

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