Udaan Desk. आंध्र प्रदेश में एंटी-मलेरिया अभियान के दौरान गोलियां दिए जाने के बाद एक लड़की की मौत हो गई और 47 अन्य बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पोलावरम ज़िले के येटापाका मंडल के गोल्लागुप्पा गांव में मंगलवार को मलेरिया से बचाव के लिए दवा (क्लोरोक्विन टैबलेट) दिए जाने के कुछ घंटों बाद कोया आदिवासी समुदाय की 7 साल की लड़की मादिवी जमुना की मौत हो गई। वहीं, गांव के 52 लोगों (जिनमें 47 बच्चे हैं) को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, गांव में मलेरिया के मामले सामने आने के बाद एहतियात के तौर पर लक्ष्मीपुरम प्राइमरी हेल्थ सेंटर की टीम ने मंगलवार को गोल्लागुप्पा गांव में 71 लोगों को क्लोरोक्विन टैबलेट दी थीं। मंगलवार तक गांव में मलेरिया के कम से कम 5 मामले सामने आ चुके थे।
बयान में कहा गया है, “गांव के 28 लोगों (ज़्यादातर बच्चे) को भद्राचलम सरकारी अस्पताल भेजा गया है, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है। उन सभी को क्लोरोक्विन टैबलेट दी गई थी।” इसके अलावा, 24 अन्य ग्रामीणों को येटापाका मंडल के लक्ष्मीपुरम PHC में भर्ती कराया गया है। पोलावरम ज़िले के कलेक्टर के. दिनेश कुमार ने ‘द हिंदू’ को बताया, “अधिकारी अस्पतालों में भर्ती लोगों के इलाज और उनकी हालत पर नज़र रखे हुए हैं। इलाज करा रहे सभी ग्रामीणों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।”

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