Udaan Desk. गूगल ने भारत में क्लीन एनर्जी और पर्यावरण से जुड़ी पांच नई पहल शुरू करने का ऐलान किया है। इन योजनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जियोस्पेशियल डाटा और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश की मदद ली जाएगी। कंपनी का कहना है कि इनका मकसद भारत के क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन और जलवायु लक्ष्यों को आगे बढ़ाना है। पहल में रूफटॉप सोलर, रिन्यूएबल एनर्जी, जलवायु अनुकूल खेती, क्लाइमेट टेक्नोलॉजी रिसर्च और स्टार्टअप्स को मदद देना शामिल है। इससे पर्यावरण से जुड़े कामों को बढ़ावा मिलेगा।
30 करोड़ इमारतों को मिलेगी सोलर जानकारी
गूगल भारत में 30 करोड़ से ज्यादा इमारतों के लिए रूफटॉप सोलर की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अपने सोलर API का विस्तार कर रही है। इससे सोलर इंस्टॉलर घर की छत पर बिजली बनाने की क्षमता का दूर से अनुमान लगा सकेंगे। इससे सिस्टम डिजाइन और ग्राहक को प्रस्ताव देने में लगने वाला समय और खर्च कम हो सकता है। सोलर लैडर और ओपनसोलर जैसे प्लेटफॉर्म भी इस डाटा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे प्रक्रिया आसान होगी।
राजस्थान में 150 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट
गूगल ने राजस्थान में 150 मेगावाट के सोलर प्रोजेक्ट के लिए रिन्यू पावर के साथ लंबे समय का समझौता किया है। इसके अलावा, कंपनी तेलंगाना में मिट्टी लैब्स के साथ चावल किसानों के लिए अल्टरनेट वेटिंग एंड ड्राइंग तकनीक पर काम करेगी। इसमें खेतों को लगातार पानी में डुबोकर रखने के बजाय समय-समय पर पानी निकाला और भरा जाता है। इससे मीथेन उत्सर्जन घटाने के साथ पानी की बचत भी होगी और किसानों को सीधे भुगतान मिलेगा।
क्लाइमेट-टेक स्टार्टअप्स को भी मदद
कंपनी के सेंटर फॉर क्लाइमेट टेक्नोलॉजी को 77 आवेदन मिले, जिनमें से ग्रीन वर्कफोर्स ट्रेनिंग और कम कार्बन वाले निर्माण सामग्री के लिए तीन शुरुआती ग्रांट चुने गए हैं। सेंटर ने पानी के संरक्षण और कचरा प्रबंधन को भी नए फोकस क्षेत्र बनाया है। गूगल चार भारतीय क्लाइमेट-टेक स्टार्टअप्स को भी सपोर्ट कर रही है। इनमें खेती, कार्बन क्रेडिट, जैव विविधता और बायोचार जैसे क्षेत्रों में AI, ड्रोन और सैटेलाइट डाटा का इस्तेमाल किया जा रहा है।

Related Posts
US-ईरान तनाव से शिपिंग बधाओं से फिर $100 पर कच्चा तेल, $120 तक जाने की चेतावनी
भारत-यूरोपीय संघ FTA से बदलेगा कारोबार का गणित! 27 देशों की मंजूरी, इन सेक्टर्स को होगा बड़ा फायदा
भारत की ग्रोथ में तेजी की क्षमता, 8% से अधिक बढ़ सकती है अर्थव्यवस्था : विश्व बैंक प्रमुख अजय बंगा