भोपाल। मनपसंंद कला साहित्य मंच द्वारा आयोजित मासिक गोष्ठी में बारिश न होने को ध्यान मे रख विषय “बरसों बदरा झूम के” पर लघु कथाकार भुवनेश दशोत्तर कि अध्यक्षता में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम संस्थापक अध्यक्ष जनार्दन शर्मा, अध्यक्ष सुषमा शुक्ला, उपाध्यक्ष गायत्री शर्मा व अन्य सदस्यों ने दीप प्रज्वलित कर मां शारदे का आह्वान किया।
तत्पश्चात मनोरमा जोशी, प्रभा तिवारी ने गणेश वंदना, सरस्वती वंदना की मधुर प्रस्तुति दी। संतोष तोषनीवाल ने अपनी रचना अब ना तरसाओ मेघा जल्दी आओ से सबको प्रभावित किया। पुष्पा पालीवाल ने भी कंगन कलम एक हाथ में दुजे से खूब पौधे लगाओ और पानी को गिरवाओ…वर्षा गीत सुनाया।
नीता निदाने ने रिमझिम गिरे सावन गीत गाया और सच में बारिश शुरू हो गई। अंजलि मिश्रा ने मां का भजन सुनाकर अनुराधा के साथ ढोलक की थाप पर सबको खूब नचाया। शीला पाटिल, गायत्री, मधु सिंह, कविता विजयवर्गीय ने रिमझिम रिमझिम बारिश आओ का सामूहिक गीत गाकर बरसों बदरा झूम के का आव्हान किया। भुवनेश दशोत्तर ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कार्यक्रम की सराहना की और सभी को संस्था की ओर से पौधे वितरित किए। सुषमा शुक्ला ने कार्यक्रम का संचालन किया।

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