अजमेर
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को आज जेजेएम घोटाले के मामले में फिर से कोर्ट में पेश किया गया, जिसमें एसीबी ने उन्हें 960 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के लिए गिरफ्तार किया है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने एसीबी की 5 दिन की रिमांड की मांग पर 3 दिन का रिमांड दिया था. बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए जाने का हवाला देकर इसका विरोध किया था. इस दौरान एसीबी ने करीब 125 सवाल तैयार किए थे, जिन्हें सुबोध अग्रवाल से पूछा गया.
सुधांश पंत का लिया नाम
कोर्ट के बाहर मीडिया के सवालों पर सुबोध अग्रवाल ने कहा, "मैंने पूछताछ में पूरा सहयोग किया है, जो भी सवाल मुझसे पूछे गए, मैंने बता दिए. फाइनेंस कमेटी के 37 प्रकरणों में से 4 मेरे हैं, बाकी 33 सुधांश पंत के समय के हैं, जिसमें 600 करोड़ का मामला है. मैंने एसीबी से बार-बार कहा कि जिसमें पैसा नहीं दिया गया उसका नाम ले रहे हो, उसकी जांच कर रहे हैं, जिसमें पैसा देकर गबन हुआ, उसकी जांच नहीं कर रहे."
ACB ने 3 दिन की रिमांड मांगी
आज एसीबी ने फिर से 3 दिन की रिमांड मांगी. इसका विरोध करते हुए अग्रवाल के वकील ने कहा कि उन्हें रिमांड प्रार्थना पत्र की कॉपी नहीं दी गई, जो कानूनन आरोपी के वकील को दी जानी चाहिए, ताकि बचाव किया जा सके. एसीबी के वकील ने जवाब दिया कि यह केस डायरी का हिस्सा है, इसलिए नहीं दे सकते. कोर्ट ने एसीबी को अपनी बात का समर्थन करने के लिए आदेश या कानूनी प्रावधान पेश करने के लिए 15 मिनट का समय दिया है.

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