भोपाल.
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में रीवा नगर निगम के कार्यों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा शहर का तेजी से विकास हो रहा है। लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप सड़क, पानी, नाली और पेयजल व्यवस्थाओं में तेजी से विस्तार किया जा रहा है। शहर में निर्माण कार्य समन्वय से करें। पेयजल की पाइपलाइन और सीवरेज लाइन निर्माण की कठिनाईयों को समन्वय से दूर करें। हर घर को पर्याप्त और साफ पानी देना आवश्यक है। निर्माण कार्यों के कारण यदि पेयजल की पाइपललाइन क्षतिग्रस्त होती है तो संबंधित पर भारी जुर्माना लगाएं। शहर में निर्माण कार्य करने वाले विभिन्न विभाग और निर्माण एजेंसियाँ, नगर निगम तथा अन्य एजेंसियों से समन्वय बनाकर निर्माण कार्य करें जिससे पूर्व से निर्मित संरचनाओं को किसी तरह का नुकसान न हो।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अमृत-2 योजना से निर्माणाधीन टंकियों और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का शीघ्र लोकार्पण कराएं। इनसे शहर के कई मोहल्लों में स्वच्छ पानी की आपूर्ति हो सकेगी। सीवरेज लाइन के शेष बचे लगभग सौ किलोमीटर निर्माण कार्य को तय समय से पूरा कराएं। नगर निगम के अधिकारी इसकी सतत् निगरानी करें। जयंती कुंज सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से 13,900 घरों के सीवरेज का ट्रीटमेंट होगा। इसके सुधार का कार्य शीघ्र शुरू कराएं। जयंती कुंज सहित बाबा घाट, बिछिया और विवेकानंद वार्ड में निर्मित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों का शीघ्र लोकार्पण कराएं। शहर को स्वच्छ रखने और पर्यावरण की समुचित सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है। सीवरेज लाइन के निर्माण के लिए खुदाई का कार्य जहाँ तक संभव हो मैन्युअल कराने का प्रयास करें। मशीनों से खुदाई करने पर ही पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होती है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पीएनजी गैस के प्रतिनिधि प्रत्येक मोहल्ले में शिविर लगाकर लोगों को पाइप्ड नेचुरल गैस का कनेक्शन दें। इससे परिवारों को सिलेण्डर से मुक्ति मिलेगी। शासन द्वारा निर्धारित 2800 घरों को कनेक्शन देने का लक्ष्य दो माह में पूरा करें। निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि ने बताया कि रीवा में 363 किलोमीटर सीवर लाइन का निर्माण किया जाना है। इनमें से 252 किलोमीटर लाइन का निर्माण पूरा हो गया है। ढेकहा, रतहरा रोड, पीटीएस और बाजार में निर्माण कार्य शेष है। इस साल के अंत तक शेष कार्य पूरा हो जाएगा। शहर में तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य पूरा हो गया है। शेष तीन का कार्य दो माह में पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि नगर के निर्माण कार्यो तथा पेयजल व्यवस्था की हर सप्ताह टीएल बैठक में समीक्षा की जाएगी। किसी भी तरह की कठिनाई होने पर संबंधित अधिकारी और निर्माण एजेंसी तत्काल वस्तुस्थिति से अवगत कराएं। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, प्रभारी आयुक्त नगर निगम मेहताब सिंह गुर्जर, शैलेन्द्र शुक्ला, एसडीएम हुजूर डॉ. अनुराग तिवारी तथा निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि एवं नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।

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