June 2, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

145 करोड़ घोटाले में कोटक महिंद्रा बैंक का पूर्व अधिकारी गिरफ्तार, ईडी ने 9 दिन की रिमांड पर लिया

पंचकूला

नगर निगम पंचकूला के करीब 145 करोड़ रुपये के कथित घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। ईडी ने  धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत यह कार्रवाई की। ईडी की जांच हरियाणा के पंचकूला स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। एफआईआर में कोटक महिंद्रा बैंक के अज्ञात अधिकारियों और अन्य लोगों पर नगर निगम के 145 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप लगाया गया था।

बैंक अधिकारियों और नगर निगम कर्मचारी की मिलीभगत का आरोप
ईडी के अनुसार जांच में नगर निगम के एक अधिकारी, बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के बीच कथित आपराधिक गठजोड़ का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि बैंक के कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव और तत्कालीन डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह ने नगर निगम के पूर्व वरिष्ठ लेखा अधिकारी विकास कौशिक के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम के नाम से दो बैंक खाते खुलवाए थे। आरोप है कि नगर निगम के वैध खातों से फर्जी फंड माइग्रेशन ऑथराइजेशन पत्रों के जरिए धनराशि इन अनधिकृत खातों में ट्रांसफर की गई। बाद में रकम विभिन्न फाइनेंसरों और अन्य व्यक्तियों के खातों में भेजी गई।

फर्जी खातों से रकम निकासी की जांच
ईडी का दावा है कि जांच में यह भी सामने आया है कि राजत दहरा, स्वाति तोमर, कपिल कुमार और विनोद कुमार नामक फाइनेंसर पुष्पिंदर सिंह के निर्देशों पर काम कर रहे थे। एजेंसी के अनुसार गबन में इस्तेमाल किए गए कुछ खातों का नियंत्रण भी पुष्पिंदर सिंह के पास था।

जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि फर्जी खातों से निकाली गई रकम का एक हिस्सा पुष्पिंदर सिंह और उनकी पत्नी प्रीति ठाकुर तक पहुंचा। इसके अलावा धनराशि को रियल एस्टेट कंपनियों और अन्य निजी व्यक्तियों तक पहुंचाने के भी आरोप हैं।

9 जून तक ईडी रिमांड
ईडी ने आरोपी को विशेष पीएमएलए अदालत, पंचकूला में पेश किया। अदालत ने उसे 9 जून तक नौ दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। मामले में आगे की जांच जारी है।

Spread the love