July 15, 2026

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सच्चे श्रद्धा भाव से अर्पित नहीं किया, इसलिए दान चोरी हो गया’, सतीश महाना के बयान पर विवाद

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित दान राशि गिनती में अनियमितता के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का एक बयान विवादों में आ गया है। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

क्या कहा सतीश महाना ने?
वायरल वीडियो में सतीश महाना कहते सुनाई देते हैं, “जिनका पैसा चोरी हुआ, मुझे लगता है कि शायद उन्होंने सच्चे श्रद्धा भाव के साथ भगवान के मंदिर में अर्पित नहीं किया होगा, इसलिए उनका पैसा चोरी हो गया। हमारा पैसा चोरी नहीं हुआ, हमारा पैसा मंदिर में लगा है।” उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने आलोचना की है और इसे लेकर बहस छिड़ गई है।

दिग्विजय सिंह ने मांगी दान राशि वापस
इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दावा किया है कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपये का योगदान दिया था। कथित दान गिनती अनियमितता का मामला सामने आने के बाद उन्होंने अपनी दान राशि वापस करने की मांग करते हुए नोटिस भेजा है। साथ ही उन्होंने 2 अक्टूबर से उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा निकालने की भी घोषणा की है।

महाना बोले- मैं अपनी जेब से लौटा दूंगा पैसा
दिग्विजय सिंह की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए सतीश महाना ने कहा, “अगर उन्होंने कोई चंदा दिया है और वह उसे वापस चाहते हैं तो मैं रामभक्त होने के नाते अपनी जेब से उनका पैसा लौटाने को तैयार हूं।” उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने राम मंदिर के लिए श्रद्धापूर्वक समर्पण किया था और उसी योगदान से आज मंदिर का भव्य स्वरूप दिखाई दे रहा है।

दान नहीं, भगवान के चरणों में समर्पण
महाना ने कहा कि राम मंदिर के लिए दी गई राशि को दान नहीं बल्कि भगवान के चरणों में समर्पण मानना चाहिए। उनके मुताबिक, “करोड़ों राम भक्तों की धनराशि मंदिर निर्माण में लगी है। मैं भी उन श्रद्धालुओं में शामिल हूं, जिन्होंने अपनी श्रद्धा से योगदान दिया था और मुझे विश्वास है कि वह धन मंदिर के निर्माण में ही लगा है।”

दिग्विजय सिंह पर भी साधा निशाना
सतीश महाना ने कहा कि अगर दिग्विजय सिंह को अपना पैसा वापस चाहिए तो उन्हें राम मंदिर के लिए दिए गए योगदान की चिंता नहीं करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह राम जन्मभूमि आंदोलन के समय मंदिर निर्माण के समर्थन में पदयात्रा करते तो अधिक उचित होता।

दोषियों को मिलेगी सजा
मंदिर में कथित अनियमितता के मामले पर महाना ने कहा कि यदि किसी ने गलत काम किया है तो उसे कानून के तहत सजा मिलेगी। उन्होंने कहा, “समाज के हर क्षेत्र में कुछ गलत लोग होते हैं। जिसने पाप किया है, उसे कानून भी सजा देगा और उसे छोड़ा नहीं जाएगा।” सतीश महाना का यह बयान अब राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है और सोशल मीडिया पर इसे लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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