नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के एक फैसले की वजह से भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को दो करोड़ रुपये का फटका लगा है। ये फैसला फरवरी में बीसीसीआई ने लिया था। ये फैसला है सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा हुआ, क्योंकि बीसीसीआई ने 2025-26 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया था तो उसमें जसप्रीत बुमराह का डिमोशन हो गया था।
जसप्रीत बुमराह पिछली बार ए प्लस कैटेगरी का हिस्सा थे, लेकिन नए कॉन्ट्रैक्ट में उन्हें ए कैटेगरी में डाल दिया गया। इसके पीछे की वजह ये थी कि ए प्लस कैटेगरी को ही बोर्ड ने खत्म कर दिया था। पिछली बार के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में चार खिलाड़ी ए प्लस कैटेगरी में थे। इनमें विराट कोहली, रोहित शर्मा, रविंद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह का नाम शामिल था।
विराट, रोहित और जडेजा का डिमोशन तो जायज है, क्योंकि विराट और रोहित एक ही फॉर्मेट खेल रहे हैं, जबकि जडेजा दो फॉर्मेट के प्लेयर हैं, लेकिन जसप्रीत बुमराह तो तीनों फॉर्मेट में एक्टिव हैं और लगातार खेल रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि इस खिलाड़ी के साथ नाइंसाफी हुई है और दो करोड़ का फटका भी उन्हें लगा है, क्योंकि ए प्लस कैटेगरी में सालाना करार की राशि 7 करोड़ थी, जबकि ए कैटेगरी में 5 करोड़ है। इस तरह 2 करोड़ का नुकसान बुमराह का हुआ है, लेकिन बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया है कि उन्हें किसी न किसी तरह उनके नुकसान की भरपाई की जाएगी।
TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI अब ये पता लगाने की कोशिश में है कि बुमराह को कैसे मुआवजा दिया जा सकता है। BCCI के एक सोर्स ने कहा, "बोर्ड यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि बुमराह को कैसे मुआवजा दिया जा सकता है। यह समझा जा सकता है कि उनकी फीस 7 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये करना गलत होगा। कुछ और खिलाड़ी भी हैं, जो अच्छा परफॉर्म करने के बावजूद एक ग्रेड से नीचे चले गए हैं। कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यूएशन में बदलाव हो सकता है।"

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