अगर आप तारों, ग्रहों और अंतरिक्ष के रहस्यों को देखने के शौकीन हैं, तो यह जुलाई 2026 आपके लिए बेहद खास होने वाला है. नेशनल ज्योग्राफिक की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने आसमान में कई ऐसी अद्भुत खगोलीय घटनाएं होने जा रही हैं, जिन्हें देखने के लिए आपको किसी बड़े मौके या बहुत महंगे उपकरणों की जरूरत नहीं पड़ेगी. आइए जानते हैं कि इस महीने आपको आसमान में क्या-क्या अनोखा देखने को मिलने वाला है.
चमचमाती मिल्की वे का दीदार
जुलाई का महीना हमारी आकाशगंगा यानी ‘मिल्की वे’ के सबसे चमकदार हिस्से को देखने के लिए सबसे मुफीद माना जाता है. पूरी रात दक्षिणी आसमान में यह चमकदार कोर साफ दिखाई देगी. इसके अलावा, अगर आपके पास एक छोटा टेलिस्कोप है, तो आप इसके पास से गुजरने वाले एक धूमकेतु को भी निहार सकते हैं.
चांद और शनि की जुगलबंदी (7-8 जुलाई)
7 और 8 जुलाई की आधी रात के बाद आसमान में एक खूबसूरत नजारा दिखेगा. पूर्व की दिशा से उगते हुए चांद और शनि ग्रह एक-दूसरे के बेहद करीब नजर आएंगे. यह जोड़ी सुबह होने तक आसमान में टिकी रहेगी. सबसे मजेदार बात यह है कि सूरज उगने से ठीक पहले मंगल ग्रह और ‘कृतिका नक्षत्र’ भी इस खूबसूरत महफिल का हिस्सा बनते दिखाई देंगे.
आसमान में बनेगा त्रिकोण (11 जुलाई)
11 जुलाई की सुबह सूरज निकलने से करीब दो घंटे पहले अगर आप पूर्वी आसमान की तरफ देखेंगे, तो आपको एक अनोखा नजारा दिखेगा. बारीक सा दिखने वाला चांद, मंगल ग्रह और प्लीएड्स स्टार क्लस्टर के साथ मिलकर आसमान में एक चमकता हुआ त्रिकोण बनाएगा. खगोलविदों का सुझाव है कि अगर आप प्लीएड्स के तारों के समूह को और करीब से देखना चाहते हैं, तो एक साधारण दूरबीन का इस्तेमाल कर सकते हैं. इस रात चांद पर मौजूद गड्ढे और घाटियां भी बहुत साफ नजर आएंगी.
अंधेरी रात का नजारा (14 जुलाई)
14 जुलाई को न्यू मून यानी अमावस्या है. इस रात चांद की रोशनी न के बराबर होगी, जिससे आसमान में पूरी तरह अंधेरा छाया रहेगा. अंतरिक्ष के गहरे रहस्यों और मिल्की वे को देखने के लिए यह सबसे बेहतरीन रात है. यदि आप शहर की चकाचौंध से दूर किसी गांव या नेशनल पार्क जैसी अंधेरी जगह पर हैं, तो आंखों को अंधेरे में ढलने के लिए 30 मिनट का समय दें. इसके बाद आपको आसमान में तारों का जो नजारा दिखेगा, वह जादुई होगा.
चांद और शुक्र की मुलाकात (17 जुलाई)
17 जुलाई की शाम को सूर्यास्त के ठीक बाद पश्चिमी आसमान में शुक्र ग्रह और खूबसूरत बाल चंद्र एक-दूसरे के बेहद करीब मुस्कुराते हुए नजर आएंगे. यह खूबसूरत जोड़ी सूर्यास्त के बाद करीब दो घंटे तक देखी जा सकेगी.
‘बक मून’ का दीदार (28-29 जुलाई)
इस महीने का पूरा चांद जिसे ‘बक मून’ कहा जाता है, अपनी पूरी रंगत में होगा. इसे यह नाम इसलिए मिला है क्योंकि इस मौसम में नर हिरणों के नए सींग निकलते हैं. वैसे तो यह भारतीय समयानुसार 29 जुलाई को अपने चरम पर होगा, लेकिन इसे देखने का सबसे सही समय 28 और 29 जुलाई की शाम या 29 जुलाई की सुबह चांद डूबने के वक्त रहेगा. क्षितिज के पास होने के कारण यह चांद सामान्य से काफी बड़ा और खूबसूरत दिखाई देगा.
टूटते तारों की आतिशबाजी (30-31 जुलाई)
महीने के अंत में आपको आसमान से टूटते तारों की बारिश देखने को मिलेगी. ‘दशार्टन डेल्टा एक्वेरिड’ उल्का बौछार वैसे तो 12 जुलाई से शुरू होकर 23 अगस्त तक चलेगी, लेकिन 30 और 31 जुलाई की सुबह (सूरज उगने से ठीक पहले) यह अपने चरम पर होगी, जब आसमान में हर घंटे कई उल्कापिंड चमकते हुए गुजरेंगे. तो बस, कैलेंडर में इन तारीखों को मार्क कर लीजिए और जुलाई की इन सुहानी रातों में छत पर जाकर आसमान के इस शानदार शो का मजा लीजिए.

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