नईदिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट और होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जिस इमारत में आग लगी, उसे मूल रूप से केवल छह कमरों की अनुमति मिली थी, लेकिन बाद में नियमों की अनदेखी कर वहां 25 कमरे बना दिए गए थे। इस खुलासे ने निर्माण नियमों और सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा था, जबकि ऊपर के हिस्से में होटल के कमरे बनाए गए थे। आग लगने के समय भवन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। हादसे में 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोगों को बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाला। दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि भवन में अग्नि सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, भवन में क्षमता से अधिक निर्माण और सुरक्षा इंतजामों में खामियां होने की आशंका है। यही कारण है कि आग लगने के बाद लोगों को बाहर निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हादसे के बाद प्रशासन ने संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। निर्माण स्वीकृति, फायर एनओसी और अन्य जरूरी अनुमतियों की पड़ताल की जा रही है। यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो भवन मालिकों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
मालवीय नगर का यह हादसा एक बार फिर राजधानी में भवन सुरक्षा और फायर सेफ्टी नियमों के पालन को लेकर गंभीर बहस का विषय बन गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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