ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने रविवार को होर्मुज स्ट्रेट को ‘अगली नोटिस तक’ पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है। इस कदम के जवाब में अमेरिकी सेना ने बिना समय गंवाए ईरान के कई सैन्य ठिकानों और रणनीतिक इलाकों पर भीषण हवाई हमले किए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने बहरीन स्थित अपने सैन्य बेस से ईरान की ओर कई घातक मिसाइलें दागीं, जिसने ईरान के सात प्रमुख शहरों में भारी तबाही मचाई है। इस हमले में कम से कम 12 सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट करने का दावा किया गया है।
इन शहरों में हुए भीषण धमाके
जानकारी के अनुसार, चाबहार, बुशहर, बंदर अब्बास और सिरिक जैसे शहरों में एक के बाद एक कई शक्तिशाली धमाके सुने गए। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता और उन ठिकानों को नष्ट करना था जहां से ईरान अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले की योजना बना रहा था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पुष्टि की है कि ये हमले कमांडर इन राष्ट्रपति के सीधे निर्देश पर किए गए हैं।
अल्टीमेटम खत्म होते ही शुरू हुई बमबारी
इस सैन्य कार्रवाई के पीछे का मुख्य कारण Strait of Hormuz का बंद होना बताया जा रहा है। अमेरिका ने ईरान को इस महत्वपूर्ण व्यापारिक जलमार्ग को खोलने के लिए 24 घंटे का सख्त अल्टीमेटम दिया था। जब ईरान ने इस अल्टीमेटम को नजरअंदाज किया, तो अमेरिका ने बिना समय गंवाए सैन्य शक्ति का उपयोग करने का फैसला किया।
अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि ईरान ने गलत फैसला किया और अब उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
जहाज पर हमले ने भड़काई आग
तनाव की शुरुआत तब हुई जब ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने साइप्रस के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज ‘M/V GFS Galaxy’ पर हमला किया था। इस हमले में जहाज के इंजन रूम को काफी नुकसान पहुँचा और उसमें आग लग गई, जिसके बाद जहाज आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया।
CENTCOM के मुताबिक, इस हमले के दौरान जहाज का एक क्रू मेंबर भी लापता हो गया है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और नागरिक नाविकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और ईरान को वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
IRGC ने बंद किया होर्मुज
ईरान का पलटवार और कूटनीतिक प्रयास हमलों से कुछ घंटे पहले ही ईरान की IRGC ने घोषणा की थी कि जब तक अमेरिका पश्चिम एशिया के मामलों में हस्तक्षेप करना बंद नहीं करता, तब तक होर्मुज किसी भी जहाज के लिए नहीं खोला जाएगा।
ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि इन हमलों को बहाना बनाकर उसे और उकसाया गया, तो वह क्षेत्र में मौजूद अन्य अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाएगा। हालांकि, इस भारी सैन्य टकराव के बीच शांति की एक उम्मीद कूटनीतिक प्रयासों से भी जुड़ी है। कतर और ओमान के प्रतिनिधि वर्तमान में तनाव को कम करने और बातचीत का रास्ता खोलने के लिए सक्रिय हैं।

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