Udaan Desk. उम्र बढ़ना जीवन का स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन 50 की उम्र के बाद शरीर में होने वाले कुछ बदलावों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। इनमें से एक है मांसपेशियों का धीरे-धीरे कम होना। शुरुआत में इसका पता आसानी से नहीं चलता। वजन लगभग उतना ही रहता है, लेकिन शरीर की ताकत कम होने लगती है, सीढ़ियां चढ़ने में पहले की तुलना में ज्यादा मेहनत लगती है या लंबे समय तक खड़े रहने पर थकान महसूस होने लगती है। डॉक्टर कहते हैं कि उम्र के साथ मांसपेशियों के आकार, ताकत और कार्यक्षमता में कमी को सार्कोपीनिया (Sarcopenia) कहा जाता है। यह केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं है। इसके संकेत 50 की उम्र के आसपास या उससे पहले भी दिखाई देना शुरू हो सकते हैं।
50 के बाद मांसपेशियां क्यों घटने लगती हैं?
1. हार्मोन में बदलाव उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कुछ हार्मोन का स्तर बदलने लगता है। पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन और महिलाओं में एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन में उम्र से जुड़े बदलाव मांसपेशियों और शरीर की संरचना को प्रभावित कर सकते हैं। हार्मोन में बदलाव अकेला कारण नहीं होता, लेकिन यह उम्र के साथ मांसपेशियों के कम होने की प्रक्रिया में योगदान दे सकता है।
2. शरीर की प्रोटीन बनाने की क्षमता कम होना
मांसपेशियों को बनाए रखने के लिए शरीर लगातार पुराने मसल प्रोटीन को तोड़ता और नए प्रोटीन का निर्माण करता है। उम्र बढ़ने के साथ भोजन से मिलने वाले प्रोटीन के प्रति मांसपेशियों की प्रतिक्रिया कुछ कम हो सकती है। इसका मतलब है कि 50 के बाद केवल खाना खाना ही पर्याप्त नहीं है। पर्याप्त प्रोटीन के साथ नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी जरूरी हो जाती है।
3. शारीरिक गतिविधि कम होना
उम्र बढ़ने के साथ कई लोग चलना, सीढ़ियां चढ़ना, खेलना या अन्य शारीरिक गतिविधियां कम कर देते हैं। ऑफिस में लंबे समय तक बैठना और रोजाना व्यायाम न करना मांसपेशियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मांसपेशियों को इस्तेमाल करने का संकेत मिलता रहे, इसके लिए नियमित गतिविधि जरूरी है।
4. पर्याप्त प्रोटीन न लेना
कई लोग उम्र बढ़ने के साथ खाने की मात्रा कम कर देते हैं या उनकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा कम होती है। दाल, दूध-दही, पनीर, अंडे, मछली, चिकन, सोया और अन्य प्रोटीन स्रोतों की कमी मांसपेशियों के रखरखाव को प्रभावित कर सकती है।
5. नींद और रिकवरी की कमी
मांसपेशियों की मरम्मत और रिकवरी के लिए पर्याप्त नींद जरूरी है। लगातार कम नींद, तनाव और खराब दिनचर्या शरीर की रिकवरी क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
सलाह : यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरुकता के लिए दी गई है। किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या या बीमारी की स्थिति में संबंधित डॉक्टर की सलाह लेकर दवाएं लें।

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