July 1, 2026

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सुधरेंगे भारत-पाक रिश्ते? 117 हस्तियों ने की पहल, PM मोदी और शहबाज को लिखी चिट्ठी

भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनावपूर्ण रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में एक नई पहल सामने आई है। दोनों देशों की 117 प्रमुख हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संयुक्त पत्र लिखकर द्विपक्षीय संबंधों को बहाल करने की अपील की है। बता दें कि यह पहल सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस के अध्यक्ष ओपी शाह की तरफ से की गई है।

इस पत्र में पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल करने, वीजा सेवाएं दोबारा शुरू करने, मीडिया पर लगी पाबंदियां हटाने और सांस्कृतिक व धार्मिक यात्राओं को आसान बनाने की मांग की गई है। भारत की ओर से फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, मणिशंकर अय्यर, मनोज झा और ए.एस. दुलत समेत 61 हस्तियों ने हस्ताक्षर किए हैं, जबकि पाकिस्तान की ओर से 56 प्रमुख लोगों ने इस पहल का समर्थन किया है।

मीडिया पर लगी पाबंदी को हटाने मांग
दरअसल 117 के हस्तियों के द्वारा लिखी गई इस चिट्ठी में दोनों देशों के मीडिया पर लगी पाबंदियों को पूरी तरह से हटाने और पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग करने की अनुमति देने की भी मांग की गई है। चिट्ठी के आखिरी में कहा गया है कि यह किसी राजनीतिक पक्ष का समर्थन नहीं, बल्कि करीब दो सौ करोड़ लोगों के भविष्य, उनकी शांति और क्षेत्रीय में स्थिरता लाने की अपील की गई है।

मोदी और शहबाज से रिश्ते सुधारने की अपील
हस्ताक्षरकर्ता ने दोनों देशों के सरकारों से नई दिल्ली और इस्लामाबाद में उच्चायुक्तों की नियुक्ति के साथ पूर्ण राजनीतिक संबंधो को बहाल करने, आम नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं के दोबारा से प्रारंभ करने और सीमा पार धार्मिक और सांस्कृतिक यात्राओं को सरल बनाने की अपील की है। इसके साथ-साथ कश्मीरी पंडितों को विशेष रुप से पवित्र शारदा पीठ को श्रद्धालुओं के लिए खोलने की बात कही गई है।

मनोज झा ने पीपल-टू-पीपल कॉन्टैक्ट पर दिया जोर
तो वहीं आगे राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने भारत-पाक के बीच बातचीत और नागरिकों के आपस मे संपर्क बनाने की वकालत करते हुए कहा कि वर्तमान में जो लोग इस विचार-विमर्श-का विरोध कर रहे हैं, वे उस समय कहां थे जब दुबई में भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट मैच हो रहे थे और श्रीलंका में दोनों देशों के बीच बातचीत की खबरें सामने आ रही थीं। मनोज झा ने कहा कि उनकी मांग केवल “पीपल-टू-पीपल कॉन्टैक्ट” को बहाल करने की है। भारत सरकार अगर चाहती है तो वह सिंधु जल संधि और सुरक्षा से लकर अन्य मुद्दों पर अपने स्तर पर फैसला ले सकती है।

शांति और क्षेत्रीय स्थिरता का दिया हवाला
आरजेडी नेता आगे कहा कि लोग और राज्य दोनों अलग-अलग होते हैं, यह बात हम सबको पता है, जिसके कारण भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के नागरिकों के बीच संवाद किया जाना जारी रहना चाहिए। उन्होंने पहलगाम में हुए आंतकी हमले की जांच को लेकर सवाल उठाया। मनोज झा ने कहा कि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इस हमले का जिम्मेदार और साजिशकर्ता कौन था।

उन्होंने इसी क्रम में आगे कहा कि मेरे द्वारा संसद में पुलवामा में हुए हमले को लेकर भी सरकार से तीन बार सवाल किया, लेकिन सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। सरकार अपने डिप्लोमेसी और सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को अलग तरीके से संभालने का काम करें लेकिन आम नागरिकों के बीच संवाद नहीं टूटना चाहिए।

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