लखनऊ
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के 'राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन' ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में खुशहाली की नई इबारत लिखनी शुरू कर दी है। पारंपरिक खेती की सीमाओं को तोड़ते हुए अब प्रदेश की महिलाएं उद्यमिता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। इसका सबसे ताज़ा और प्रेरक उदाहरण भदोही जिले की पप्पू देवी ने पेश किया है, जिन्होंने मशरूम उत्पादन को अपनी आय का मुख्य जरिया बनाकर सालाना 8 से 10 लाख रुपये तक की कमाई सुनिश्चित की है।
पारंपरिक खेती से अलग चुनी नई राह
भदोही जैसे जिले में, जहाँ खेती का अर्थ मुख्य रूप से गेहूं और धान तक सीमित माना जाता था, वहां पप्पू देवी ने अपनी मेहनत और सरकारी योजनाओं के तालमेल से एक नया मॉडल खड़ा किया है। उन्होंने अपनी जमा-पूंजी और 50 हजार रुपये के ऋण के साथ मशरूम उत्पादन का काम शुरू किया। आज उनका यह छोटा सा उद्यम एक सफल मुनाफे वाले व्यवसाय में तब्दील हो चुका है।
रोजगार प्रदाता बनीं पप्पू देवी
पप्पू देवी की यह सफलता केवल व्यक्तिगत लाभ तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपने साथ गांव की अन्य स्थानीय महिलाओं को भी जोड़ा है, जिससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। उनके इस मॉडल को देखकर क्षेत्र के अन्य स्वयं सहायता समूह (SHG) भी मशरूम उत्पादन की ओर प्रेरित हो रहे हैं।
ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा
खास बात यह है कि पप्पू देवी की यह सफलता सिर्फ उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरने तक सीमित नहीं है। वे अब अपने गांव की अन्य स्थानीय महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रहीं हैं। उनका यह मॉडल स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और ग्रामीण महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गया है।
महिला उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती
पप्पू देवी का मानना है कि अगर महिलाओं को सही ट्रेनिंग और सरकारी योजनाओं का साथ मिले, तो वे स्वरोजगार के क्षेत्र में बड़ी सफलता प्राप्त कर सकतीं हैं। योगी सरकार के इस प्रयास से प्रदेश में महिला उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिल रही है।

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