September 14, 2026

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चंडीगढ़ में 5 नए कानून लागू: फायर NOC अब 5 साल तक वैध, बिना लाइसेंस कारोबार पर सख्त सजा

चंडीगढ़.

स्मार्ट सिटी में अब फायर एनओसी अब 5 साल तक वैध होगी। इमिग्रेशन एजेंसियों पर सख्ती बरती जाएगी। इसके बलावा बिना लाइसेंस कारोबार करने पर 3 से 5 साल तक सजा का प्रविधान होगा। रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य होगा मकान मालिक और किरायेदारों के मसले भी आसानी से हल होंगे।

यह सब संभव इसलिए होगा, क्योंकि यूटी प्रशासन ने केंद्र सरकार की अधिसूचना के तहत शहर में पांच नए कानून लागू कर दिए हैं। यूटी सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में चंडीगढ़ के चीफ सेक्रेटरी एच राजेश प्रसाद ने बताया कि ये सभी कानून 6 मई 2026 से प्रभावी हो गए हैं। इनका उद्देश्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना, पारदर्शिता बढ़ाना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है।

फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज हरियाणा-2022 कानून को चंडीगढ़ में लागू किए जाने के बाद अब फायर सर्विस से जुड़े लाइसेंस और एनओसी के लिए हर साल रिन्यूअल की आवश्यकता नहीं होगी। यह अनुमति अब पांच वर्ष तक वैध रहेगी। इसके साथ ही विभागीय कार्यों की समय सीमा भी तय कर दी गई है, ताकि उद्योगों और व्यावसायिक संस्थानों को राहत मिल सके और कारोबार करना आसान हो।

इसके अलावा प्रिवेंशन ऑफ ह्यूमन स्मगलिंग कानून भी चंडीगढ़ में लागू किया गया है, जिसे पंजाब के मॉडल से अपनाया गया है। प्रशासन के अनुसार पंजाब में सख्ती बढ़ने के बाद कई इमिग्रेशन और कंसल्टेंसी एजेंसियां कार्रवाई से बचने के लिए चंडीगढ़ में कारोबार कर रही थीं। अब बिना रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के इस तरह का कारोबार करना संभव नहीं होगा।

नए कानून के तहत सभी इमिग्रेशन, वीजा और विदेश भेजने से संबंधित कंसल्टेंसी संचालकों को अपने कार्यालय, सेवाओं और व्यवसाय से जुड़ी पूरी जानकारी प्रशासन को देनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर तीन से पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। गंभीर मामलों में संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई भी की जा सकेगी। स्टैंप ड्यूटी से जुड़े नए प्रावधान भी लागू किए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि अब स्टैंप ड्यूटी चोरी रोकने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति स्टैंप ड्यूटी चोरी करते पाया गया तो उस पर तीन प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। चीफ सेक्रेटरी ने कहा कि इन कानूनों के लागू होने से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी, लोगों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

असम का टेनेसी एक्ट लागू
मॉडल टेनेसी एक्ट लागू हुआ है। इसे असम से अपनाया गया है।  इसमें रेंट अपीलेट ऑथोरिटी और ट्रिब्यूनल गठित होंगे। इन्हें रेंट से जुड़े विवाद 60 दिन में निपटाने होंगे। तीन बार से अधिक सुनवाई टाल नहीं सकते। इससे प्रॉपर्टी मालिक किरायेदार के झगड़े निपटेंगे। रेंट भी मनमाना नहीं बढ़ा सकते।

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