चंडीगढ़
चुनाव में देरी के चलते पंजाब सरकार ने 102 नगर परिषदों के प्रधान और नौ नगर निगमों के मेयर को हटा दिया है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं। यह अधिकारी चुनाव होने तक कामकाज देखेंगे। आज से ही प्रशासनिक अधिकारी नगर परिषद और नगर निगम के कार्य संभालना शुरू कर देंगे। पंजाब सरकार ने राज्य के नगर परिषद और नगर निगमों के कार्यकाल संबंधी आदेश जारी किए हैं। जिसमें लिखा गया है कि पंजाब नगर पालिका अधिनियम, 1911 और पंजाब नगर निगम अधिनियम, 1976 के तहत राज्यपाल ने उपयुक्त अधिकारियों को अस्थायी रूप से नगर पालिकाओं और नगर निगमों की सभी शक्तियों और कर्तव्यों का पालन करने के लिए नियुक्त किया है। जारी आदेश के अनुसार, नगर पालिकाओं के कार्यकाल 5 अप्रैल से लेकर 17 जून तक के बीच में खत्म हो रहे हैं।
हालांकि, राज्यपाल की राय है कि इन नगर पालिकाओं और निगमों के चुनाव कार्यकाल की समाप्ति से पहले आयोजित नहीं किए जा सकते हैं। इसलिए पंजाब के राज्यपाल ने अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अधिकारियों को उनके पांच वर्ष के कार्यकाल की समाप्ति के अगले दिन से लेकर पुनर्गठित होने तक सभी प्रशासनिक शक्तियों और कर्तव्यों का प्रयोग करने का अधिकार दिया है।
अबोहर निगम का कार्यकाल 8 अप्रैल, एसएएस नगर, होशियारपुर, बठिंडा का कार्यकाल 11 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। वहीं, बटाला नगर निगम का 18 अप्रैल, बरनाला 14 अप्रैल, पठानकोट 28 अप्रैल, मोगा 12 मई 2026, कपूरथला 6 जून को कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन सभी नगर निगम के लिए कमिश्नर नियुक्त किए गए हैं।
अधिकारियों की यह नियुक्ति नगर पालिकाओं और नगर निगमों की सुचारू व प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि स्थानीय प्रशासनिक कार्य बाधित न हों। इस कदम से स्थानीय निकायों में संचालन की स्थिरता बनी रहेगी और नागरिकों को नियमित सेवाएं उपलब्ध होती रहेंगी।

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