July 13, 2026

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गोल्ड लोन बिजनेस में एंट्री करेगा Tata Group, योगलोन्स के अधिग्रहण को बोर्ड की मंजूरी

(FILES) - A file picture taken on February 5, 2014 shows the Tata Motors logo during the 12th Auto Expo in Greater Noida. India's biggest carmaker Tata Motors said February 2, 2016 it would rename its new Zica hatchback as global alarm grows over an outbreak of the identical-sounding Zika virus. AFP PHOTO/ SAJJAD HUSSAIN /FILESSAJJAD HUSSAIN/AFP/Getty Images

टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Capital का स्टॉक सोमवार को गिरावट के साथ ओपन हुआ. हालांकि कंपनी की एक घोषणा के बाद स्टॉक में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली. कंपनी ने बताया कि वह योगलोन्स के अधिग्रहण के माध्यम से गोल्ड लोन बिजनेस में एंट्री करेगी. इस अधिग्रहण के लिए कंपनी को उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मंजूरी मिल गई है. हालांकि ख़बर लिखे जाने तक स्टॉक लाल निशान पर ट्रेड कर रहा था.

88.6% की हिस्सेदारी हासिल करेगी कंपनी
टाटा कैपिटल लिमिटेड दो तरीकों से योगलोन्स लिमिटेड में 88.6% हिस्सेदारी हासिल करेगी. वह ऐसा कंपनी में नया निवेश करके और मौजूदा शेयरधारकों से शेयर खरीदकर करेगी. इस डीस के तहत योगलोन्स का प्री मनी इक्विटी वैल्यूएशन (नए निवेश को जोड़ने से पहले कंपनी की वैल्यू) 318 करोड़ रुपये तक है, और टाटा कैपिटल योगलोन्स के भविष्य के विकास में सहयोग के लिए लगभग 93 करोड़ रुपये की नई पूंजी का निवेश करेगी.
एक बार लेन-देन पूरा हो जाने पर, योगलोन्स टाटा कैपिटल लिमिटेड की सहायक कंपनी बन जाएगी. हालांकि, यह तभी संभव होगा जब आवश्यक रेग्यूलेटरी मंजूरियां मिल जाएंगी और सभी प्रथागत समापन शर्तें पूरी हो जाएंगी.

गोल्ड लोन बिजनेस में एंट्री
इस अधिग्रहण के साथ टाटा कैपिटल लिमिटेड गोल्ड लोन बिजनेस में एंट्री करेगी. योगलोन्स लिमिटेड कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में 162 ब्रांच के माध्यम से काम कर रही है. 31 मार्च, 2026 तक, इसके एसेट्स अंडर मैनेजमेंट की वैल्यू 708 करोड़ रुपये थी.

क्या करती है योगलोन्स?
योगलोन्स लिमिटेड लगभग 32,000 गोल्ड लोन ग्राहकों को सेवा प्रदान करता है और 10 सालों से अधिक के अनुभव के साथ ग्राहकों को खोजने और आकर्षित करने, लोन आवेदनों की जांच और अनुमति करने और लोन देने के बाद ग्राहकों को सेवा प्रदान करने और उनका सपोर्ट करने में मजबूत विशेषज्ञता हासिल कर चुका है.

कंपनी ने बताया कि बिजनेस का नेतृत्व उन्नीकृष्णन इदिचार्म वीटिल कर रहे हैं और अधिग्रहण के बाद भी वे योगलोन्स का नेतृत्व करना जारी रखेंगे ताकि ग्राहकों, कर्मचारियों और बिजनेस पार्टनर के लिए ऑपरेशन सुचारू रूप से चलता रहे.

कंपनी के एमडी ने क्या कहा?
टाटा कैपिटल लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ राजीव सभरवाल ने कहा कि इस अधिग्रहण के साथ कंपनी ने गोल्ड लोन बिजनेस में प्रवेश किया है. उन्होंने कहा कि इससे टाटा कैपिटल के रिटेल लोन पोर्टफोलियो में एक सुरक्षित लोन प्रोडक्ट जुड़ गया है, जिसमें विकास की प्रबल संभावना है. यह कंपनी की विविध लोन देने वाली फ्रेंचाइजी बनाने की रणनीति का सपोर्ट करता है.

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