नई दिल्ली
डेनमार्क के शटलर विक्टर एक्सेलसन ने बुधवार को पेशेवर बैडमिंटन से संन्यास लिया। एक्सेलसन ने 32 की उम्र में संन्यास लेकर बैडमिंटन जगत को चौंकाया। उन्होंने इंस्टा पोस्ट के जरिये संन्यास लेने की असली वजह बताई।
महान लिन डान के बाद एक्सेलसन दूसरे शटलर हैं, जिन्होंने अपने ओलंपिक गोल्ड मेडल की रक्षा की। एक्सेलसन ने आखिरी बार फ्रेंच ओपन में हिस्सा लिया था। पिछले काफी समय से पीठ की चोट से जूझ रहे विक्टर ने आखिरी प्रमुख खिताब इंडिया ओपन जीता था।
एक्सेलसन का इंस्टा पोस्ट
आज का दिन मेरे लिए आसान नहीं हैं। लगातार पीठ की चोट की समस्या के कारण मैं उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा और ट्रेनिंग नहीं कर पाऊंगा। एंडोस्कोपिक सर्जरी के बाद कई इंजेक्शन लगे, नई ट्रेनिंग मेथड अपनाई, उपचार कराया और लंबे समय तक वो हर कुछ किया, जिससे दर्द से आराम मिले। मुझे लंबे समय तक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की सलाह मिली है। इस स्थिति को स्वीकार करना मेरे लिए काफी मुश्किल है। मगर अब मैं उस जगह पहुंच गया हूं, जहां मेरा शरीर लगातार खेलने की अनुमति नहीं दे रहा है
पिछले साल काफी परेशान
विक्टर एक्सेलसन के करियर का टर्निंग प्वाइंट साल 2025 बना, जहां चोटों से वो घिर गए और आखिरकार संन्यास लेना पड़ा। अप्रैल 2025 में उन्होंने डिस्क हर्नियेशन को ठीक करने के लिए एंडोस्कोपिक सर्जरी कराई, जिसके कारण वो पांच महीने एक्शन से दूर रहे। इस वजह से वो पेरिस में वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाए।
सितंबर में विक्टर की बैडमिंटन कोर्ट पर वापसी हुई, लेकिन हांगकांग ओपन के पहले ही दौर में वो बाहर हो गए। उन्होंने इस खराब प्रदर्शन के लिए शारीरिक कठिनाई को दोषी करार दिया। विक्टर का दर्द लगातार बढ़ता गया और आखिरकार उन्हें असमायिक ही संन्यास की घोषणा करना पड़ी।
विक्टर की उपलब्धियां
ओलंपिक – 2016 में ब्रॉन्ज, 2020 और 2024 में गोल्ड मेडल
वर्ल्ड चैंपियनशिप्स – 2014 में ब्रॉन्ज, 2017 और 2022 में गोल्ड।
ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप्स – 2020 और 2022 के विजेता।

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