भारतीय शेयर बाजार में मिडकैप कंपनियों को लंबे समय से भविष्य के बाजार लीडर्स के रूप में देखा जाता रहा है। इसी थीम पर द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड ने नया मिडकैप फंड लॉन्च किया है। कंपनी ने न्यू फंड ऑफर (NFO) द वेल्थ कंपनी मिड कैप फंड सब्सक्रिप्शन के लिए 15 जुलाई 2026 से खुल रहा है और 29 जुलाई 2026 को बंद होगा। यह एक ओपन एंडेड इक्विटी म्युचुअल फंड है, जो मुख्य रूप से मिड कैप शेयरों में निवेश करेगा।
फंड हाउस का कहना कि यह फंड उन कंपनियों में निवेश करने के लिए तैयार किया गया है जो पहले से स्थापित हैं, लेकिन अभी भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इस स्कीम को ‘निफ़्टी मिडकैप 150 टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI)’ के आधार पर बेंचमार्क किया गया है। यह फंड अपने पोर्टफोलियो का कम से कम 65 प्रतिशत हिस्सा मिड-कैप कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी-से जुड़ी सिक्योरिटीज में निवेश करेगा। साथ ही, डाइवर्सिफिकेशन और लिक्विडिटी के लिए अन्य इक्विटी और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करने की फ्लेक्सिबिलिटी भी बनाए रखेगा।
1000 रुपये से करें निवेश की शुरुआत
फंड हाउस के मुताबिक, द वेल्थ कंपनी मिड कैप फंड में कम से कम 1000 रुपये से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इस स्कीम का बेंचमार्क Nifty Midcap 150 TRI होगा। इसमें 180 दिनों के भीतर रिडेम्पशन के लिए 1 फीसदी एग्जिट लोड देना होगा। इस स्कीम की फंड मैनेजर अपर्णा शंकर और सलोनी कपाड़िया हैं।
मिडकैप कंपनियों पर ही क्यों फोकस?
मिडकैप कंपनियां आमतौर पर उन कारोबारों को माना जाता है जो तेजी से विस्तार कर रहे होते हैं। इनमें बड़े कारोबार बनने की क्षमता होती है, लेकिन इनके साथ जोखिम भी अपेक्षाकृत अधिक रहता है। द वेल्थ कंपनी का मानना है कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल सेवाओं, वित्तीय सेवाओं, उपभोक्ता क्षेत्र और औद्योगिक कारोबार में कई ऐसी कंपनियां हैं जो आने वाले दशक में बाजार की बड़ी कंपनियों में शामिल हो सकती हैं।
जानिए निवेश का पैरामीटर
कंपनी की ओर से जारी की गई आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस फंड के पोर्टफोलियो को तैयार करने के लिए द वेल्थ कंपनी के अपने खास निवेश फ्रेमवर्क चेंज (C.H.A.N.G.E) और एज (EDGE) का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हें कंपनियों के कामकाज की गुणवत्ता और उनके वित्तीय आंकड़ों दोनों पैमानों पर परखने के लिए बनाया गया है।
एक बेहतर निवेश प्रक्रिया की मदद से फंड की मैनेजमेंट टीम निवेश के कड़े अनुशासन का पालन करते हुए ऐसी कंपनियों की पहचान करती है, जिनमें लगातार आगे बढ़ने और लंबी अवधि में निवेशकों के लिए बड़ी संपत्ति बनाने की क्षमता हो।
इसकी लॉन्चिंग के मौके पर द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड की मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, मधु लुणावत ने कहा कि सबसे बड़ा मुनाफा पुराने चैंपियंस को खरीदने से नहीं, बल्कि आने वाले कल के नए चैंपियंस को समय रहते पहचानने से मिलता है। आज भारत का मिड-कैप बाजार एक ऐसा ही क्षेत्र है जहां भविष्य के लीडर्स तैयार हो रहे हैं।
अपनी बेहतर रिसर्च और खास तौर-तरीकों से, हम ऐसी कंपनियों को ढूंढना चाहते हैं जो लगातार अपनी कमाई बढ़ा सकें, अपनी वैल्यू बनाएं और आगे चलकर अपनी पूरी इंडस्ट्री में सबसे आगे निकलें। हमारा यह फंड इसी भरोसे पर टिका है कि अच्छी कंपनियों में पूरे धैर्य के साथ पैसे लगाना, लंबे समय में बड़ा फंड बनाने का सबसे दमदार तरीका है।

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