April 25, 2026

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सामुदायिक पुलिसिंग से बाल विवाह रोकने में मिलीं मध्यप्रदेश पुलिस को सफलताएं

सामुदायिक पुलिसिंग से बाल विवाह रोकने में मिलीं मध्यप्रदेश पुलिस को सफलताएं

प्रदेशभर में जागरूकता अभियान और त्वरित हस्तक्षेप से प्रदेश में रोके जा रहे बाल विवाह

भोपाल 
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही हैं। पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से तथा जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से विभिन्न जिलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए अनेक स्‍थानों पर बाल विवाह रुकवाए। साथ ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को कानूनी प्रावधानों, दुष्परिणामों तथा बच्चों के सुरक्षित भविष्य के प्रति सचेत किया जा रहा है।

राजगढ़

अक्षय तृतीया के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के कंट्रोल रूम को प्राप्त शिकायतों पर जिला प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर बाल विवाह रुकवाए। खोईरी स्थित महादेव मंदिर में एक युवक की आयु 21 वर्ष से कम पाए जाने पर विवाह रुकवाया गया। वहीं जीरापुर में सामूहिक विवाह सम्मेलन हेतु प्राप्त आवेदनों की जांच में 6 जोड़ों की आयु कम मिलने पर आवेदन निरस्त किए गए है ।

इसी क्रम में थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुरा कॉलोनी में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, वन स्टॉप सेंटर तथा पुलिस टीम ने तत्काल संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर बाल विवाह रूकवाया। साथ ही आमजन से अपील की गई कि इस प्रकार की घटना की सूचना तत्काल पुलिस एवं संबंधित विभाग को दें, ताकि इस सामाजिक कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

देवास

जिले में पुलिस एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई बाल विवाह रुकवाए। ग्राम डिंगरोदा में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका का विवाह रुकवाकर उसे सुरक्षा की दृष्टि से वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। ग्राम मानकुंड में 16 वर्षीय बालिका के बाल विवाह की सूचना पर डायल-112 ने मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवाया तथा परिजनों को समझाइश दी। वहीं ग्राम अजीजखेड़ी में 16 एवं 17 वर्ष आयु की दो नाबालिग बालिकाओं के विवाह भी समय रहते रुकवाए गए। पुलिस की सक्रियता, सतर्कता एवं प्रभावी हस्तक्षेप से सभी मामलों में बाल विवाह पर सफलतापूर्वक रोक लगाई गई।

मुरैना

थाना स्टेशन रोड पुलिस एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने उत्तमपुरा स्थित मैरिज गार्डन में हो रहे बाल विवाह को रुकवाया। टीम द्वारा परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर समझाइश दी गई।

उज्जैन

उज्जैन जिले के ग्राम इंगोरिया एवं पातिया खेड़ी में बाल विवाह की सूचना मिलने पर पुलिस टीम, तहसीलदार एवं पटवारी की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक साथ दो बाल विवाह रुकवाए। अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए समझाइश दी। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना अथवा शामिल होना दंडनीय अपराध है।

मंदसौर

ग्राम अरनिया मीणा में बाल विवाह की सूचना मिलने पर प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालक का विवाह रुकवाया। जांच में बालक की आयु निर्धारित वैधानिक आयु से कम पाई गई। अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों एवं दुष्परिणामों की जानकारी देकर विवाह स्थगित कराया। बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर अस्थायी रूप से ऑब्जर्वेशन होम में रखा गया।

शिवपुरी

ग्राम डबहारा में बाल विवाह होने की सूचना प्राप्त होते ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई की। टीम द्वारा बालिका के माता-पिता एवं परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों से अवगत कराते हुए समझाइश दी गई कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पश्चात ही किया जाना विधिसम्मत है। पुलिस की सक्रियता, सतर्कता एवं प्रभावी हस्तक्षेप से बाल विवाह को समय रहते रुकवाया गया, साथ ही परिवारजनों को भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न करने हेतु समझाइश दी गई।

रीवा

थाना जवा अंतर्गत ग्राम गाढा भैंसो टोला में बाल विवाह आयोजित किए जाने की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस टीम ने तत्काल संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर त्वरित जांच की। जांच के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों एवं शैक्षणिक अभिलेखों के आधार पर बालिका की आयु वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई। इसके उपरांत पुलिस एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा परिजनों को समझाइश दी गई कि बालिग होने से पूर्व विवाह कराना कानूनन अपराध है। पुलिस के हस्तक्षेप से परिजनों ने विवाह रोकने पर सहमति व्यक्त की, जिससे समय रहते बाल विवाह रुकवाया गया तथा भविष्य में बालिग होने के उपरांत ही विवाह संपन्न कराने की सलाह दी गई।

नीमच

ग्राम पोखरदा में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग तथा राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान बालक की आयु वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई, जिस पर टीम द्वारा परिजनों को समझाइश दी गई और विवाह को तत्काल रुकवाया गया। मौके पर पंचनामा तैयार कर परिवार से लिखित आश्वासन लिया गया कि बालक के 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पश्चात ही विवाह संपन्न कराया जाएगा। साथ ही भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

छिंदवाड़ा

थाना अमरवाड़ा अंतर्गत ग्राम पीपरपानी में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान दूल्हे के आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच में उसकी आयु वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई। इसके बाद पुलिस, महिला बाल विकास विभाग, ग्राम सरपंच, आशा कार्यकर्ता, कोटवार एवं ग्रामीणों के सहयोग से परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों एवं कानूनी दंड के संबंध में समझाइश दी गई। प्रभावी समझाइश एवं पुलिस के त्वरित हस्तक्षेप से विवाह रुकवाया गया तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मौके पर पंचनामा तैयार कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की गई।

प्रदेश में पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग, सतर्क निगरानी, सक्रिय सूचना तंत्र, व्यापक जन-जागरूकता अभियान तथा प्राप्त शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। इसी कारण पहले जहां कई घटनाएं सामने नहीं आ पाती थीं, अब समय रहते उन्हें चिन्हित कर रोका जा रहा है।

मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेश में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के विरुद्ध संवेदनशीलता, सतर्कता और दृढ़ता के साथ लगातार कार्यवाही कर रही है। आमजन से अपील है कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस, डायल-112, हेल्पलाइन 1098 अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचित करें, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।

 

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