भोपाल। “विकसित भारत 2047 के संकल्प पर माहेश्वरी समाज के राष्ट्रीय कॉन्क्लेव” का भव्य आयोजन नई दिल्ली में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में देशभर से आए समाज के प्रबुद्धजन, उद्योगपति, युवा उद्यमी एवं विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता कर राष्ट्र निर्माण, उद्यमशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि माहेश्वरी समाज का देश के विकास और सामाजिक उत्थान में सदैव महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी सिर्फ रोजगार पाने तक सीमित न रहे, बल्कि नेतृत्वकर्ता बनकर रोजगार सृजन और राष्ट्र की प्रगति में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।
प्रख्यात उद्योगपति आनंद राठी ने युवाओं को व्यावसायिक विस्तार और वैश्विक अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि माहेश्वरी समाज कर्मप्रधान समाज है, जिसने हर चुनौती और अभाव में अवसरों का सृजन किया है। ऐसे में समाज के युवाओं को वैश्विक आर्थिक परिवर्तनों को समझते हुए नए क्षेत्रों में अपनी पहचान बनानी चाहिए।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जेके माहेश्वरी ने समाज की निरंतर प्रगति के लिए सामूहिक सहयोग, अनुशासन और एकाग्रता को आवश्यक बताया। वहीं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू ने कहा कि माहेश्वरी समाज अपने परिश्रम, ईमानदारी और उत्कृष्ट कार्यशैली से निरंतर नए प्रतिमान स्थापित करता आया है।
एमआईबीएफ के अध्यक्ष दीपक माहेश्वरी ने कहा कि माहेश्वरी समाज ने हमेशा यह सिद्ध किया है कि व्यापार महज आर्थिक समृद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और लोककल्याण का भी सशक्त साधन है। उन्होंने बताया कि समाज की नई पीढ़ी को व्यापार, उद्योग और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न पहलें संचालित की जा रही हैं।
वहीं, संगठन के संस्थापक महामंत्री संतोष कुमार लाहोटी ने एकता, एकाग्रता, व्यापार और विस्तार के नवाचारी मंत्र के साथ समाज को संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सीए परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समाज के विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। इसके साथ ही विभिन्न विषयों पर पैनल चर्चा आयोजित हुई तथा कोठारी बंधुओं को समर्पित पुस्तक के कवर पेज का विमोचन किया गया।
कॉन्क्लेव के सफल आयोजन में अनिल लाहोटी, पूर्व आईएएस श्रीकांत बाल्दी, पी.सी. मोदी, मुकेश चेचानी, कैलाश काबरा, राजेंद्र साबू, डॉ. सत्य नारायण चांडक, तन्मय माहेश्वरी, राकेश लाहोटी, प्रकाश बिहानी, एम.एल. लाहोटी, सुनीता माहेश्वरी, ममता बिनानी, पूर्णिमा कोठारी, शोभा सोदानी, अनिरुद्ध राठी, सुशील कोठारी, राजेंद्र कोठारी, हेमंत चांडक सहित अन्यजनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए समाज की सामूहिक भागीदारी, नवाचार, उद्यमशीलता और राष्ट्र प्रथम की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया गया।

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