July 26, 2026

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अदबी मामलों में भोपाल को तकना पड़ती है सिरोंज की सूरत : डॉ. महताब आलम

  • अंतर्राष्ट्रीय शायर डॉ अंजुम बाराबंकवी पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन

भोपाल। गोपीचंद नारंग, निदा फ़ाज़ली, चंद्रभान ख्याल, डॉ. बशीर बद्र जैसे शायरी के बड़े नामों को जिस अंतरराष्ट्रीय पत्रिका इन्तसाब में जगह दी गई है, उन्हीं पन्नों पर अब डॉ. अंजुम बाराबंकवी को शामिल किया गया है। यह काम भोपाल के बड़े मंचों की बजाए सिरोंज जैसी जगह से किया गया है। उर्दू अदब के लिए खुद को झोंक चुके डॉ. सैफी सिरोंजी ने इसको अंजाम दिया है। इस अदब की महफिल को कहा गया कि अब अदबी महफिलों को भोपाल की बजाए सिरोंज जैसी छोटी जगह से रफ्तार मिल रही है।

पुस्तक विमोचन के लिए सजाई गई इस महफिल में बीज वक्तव्य देते हुए डॉ. महताब आलम ने सिरोंज की हजार साल पुरानी तवारीख का जिक्र किया। उन्होंने डॉ. अंजुम बाराबंकवी की अदब की ख़िदमात, किताब के विशेषांक में शामिल तथ्यों, इसके संकलन करने वाले डॉ. सैफी सिरोंजी के लिए बात की। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रिटायर्ड डीजीपी एमडब्ल्यू अंसारी थे। इस मौके पर आयोजित डॉ. अंजुम बाराबंकवी: शख्स और अक्स विषय पर मशहूर शायर विजय तिवारी, फरहान खान, डॉ. कमर अली शाह, खान अशु, तसनीम राजा, सैयद नुसरत अली आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दूसरे हिस्से में आयोजित मुशायरे में डॉ. अंजुम बाराबंकवी, साजिद प्रेमी, साजिद हाशमी, हबीब सरवर, सोहैल उमर, सिराज खान, वली उल्लाह वली ने अपने कलाम पेश किए, जिस पर श्रोताओं ने बेहद लुत्फ उठाया।

उर्दू के चाहतमंद

कार्यक्रम का संचालन कर रही स्तुति अग्रवाल उर्दू भाषा की बड़े पैरोकार में शामिल हैं। वे अपनी पीएचडी भी इसी विषय में कर रही हैं। उर्दू की उनकी अदायगी बेहद पसंद की गई। उनके पिता अनिल अग्रवाल भी इस कार्यक्रम के लिए विशेष कोशिश में लगे थे।

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