आगरा
गंभीर रोगी, गर्भवती या दिव्यांग कर्मियों की जनगणना में ड्यूटी नहीं लगेगी। 22 मई से घर-घर सर्वे शुरू होगा। 11 हजार प्रगणक मकानों की गणना करेंगे। ऐसे में ड्यूटी कटवाने के लिए 15 से 20 आवेदक रोज कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। बीमारी के आधार पर ड्यूटी कटवाने वालों का मेडिकल बोर्ड चिकित्सकीय परीक्षण कर रहा है।
जनगणना में 30 से अधिक विभागों के कर्मियों को शामिल किया गया है। बड़ी संख्या में ऐसी महिला कर्मियों की ड्यूटी भी जनगणना में आ गई है, जो मातृत्व अवकाश पर हैं। किडनी, हृदय, मधुमेह जैसे गंभीर रोगों से ग्रस्त कर्मियों की भी ड्यूटी लगाई है। ड्यूटी कटवाने के लिए प्रगणक व सुपरवाइजर नगर क्षेत्र में अपर नगरायुक्त व तहसील क्षेत्र में एडीएम वित्त कार्यालय पहुंच रहे हैं।
एडीएम वित्त एवं नोडल प्रभारी जनगणना शुभांगी शुक्ला ने बताया कि जनगणना ड्यूटी में छूट सिर्फ मेडिकल आधार पर मिलेगी। मेडिकल बोर्ड आवेदक की बीमारी, इलाज व स्वास्थ्य की जांच करेगा। गर्भवती महिलाएं, गंभीर रोगी और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को परीक्षण के बाद ड्यूटी से मुक्त रखा जा सकता है।
मैडम, मेरे पति बीमार… कोई बोला मेरा बच्चा छोटा
जनगणना ड्यूटी कटवाने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले कर्मियों के पास तरह-तरह की दलील हैं। किसी का कहना है कि मेरे पति बीमार हैं। मैं उन्हें घर अकेला नहीं छोड़ सकती। किसी ने कहा कि मेरा बच्चा छह महीने का है। उसे अकेला घर पर नहीं छोड़ा जा सकता। ऐसे मामलों में भी जांच-पड़ताल के बाद प्रशासन ड्यूटी पर निर्णय ले रहा है। कलेक्ट्रेट में पिछले 15 दिनों में 300 से अधिक लोग ड्यूटी कटवाने के लिए आवेदक कर चुके हैं।

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