June 11, 2026

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भारत में 6% कम हुए अपराध, फिर भी डिजिटल अपराध का बढ़ रहा खतरा

SBI report reveals : देश में अपराध के स्वरूप में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर पारंपरिक अपराधों में कमी दर्ज की जा रही है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक ताजा रिपोर्ट में अपराध, तकनीक, अर्थव्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 में देशभर में कुल 58.86 लाख संज्ञेय (कॉग्निजेबल) अपराध दर्ज किए गए। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 6 प्रतिशत कम है। इसी अवधि में देश की कुल अपराध दर भी घटकर प्रति लाख आबादी पर 448.3 से 418.9 हो गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि सार्वजनिक निवेश में बढ़ोतरी, डिजिटल निगरानी तंत्र का विस्तार और प्रशासनिक सुधार अपराध नियंत्रण में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

हालांकि कुल अपराधों में गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन साइबर अपराध तेजी से चिंता का विषय बन रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देश में साइबर क्राइम के मामले जल्द ही एक लाख का आंकड़ा पार कर सकते हैं। ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया और इंटरनेट आधारित सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठगी, डेटा चोरी, फिशिंग और ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में भी मामूली कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 4.48 लाख मामले सामने आए थे, जो 2024 में घटकर 4.41 लाख रह गए। यह करीब 1.5 प्रतिशत की गिरावट है। हालांकि रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि यह कमी उत्साहजनक जरूर है, लेकिन इसे बड़ी उपलब्धि नहीं माना जा सकता क्योंकि महिलाओं की सुरक्षा अब भी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है।

रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि भारत में अपराध का स्वरूप तेजी से डिजिटल हो रहा है और आने वाले समय में साइबर सुरक्षा को मजबूत करना सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक होगा।

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