June 12, 2026

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केरल में निपाह वायरस का खतरा! 43 वर्षीय कारोबारी की रिपोर्ट पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

कोझिकोड (केरल): केरल में निपाह वायरस संक्रमण का एक संदिग्ध मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। कोझिकोड के सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती 43 वर्षीय एक व्यक्ति की शुरुआती जांच रिपोर्ट में निपाह वायरस संक्रमण के संकेत मिले हैं। हालांकि अंतिम पुष्टि के लिए उसके नमूने पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV) भेजे गए हैं और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

गंभीर हालत में मरीज
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मरीज फरोक क्षेत्र का रहने वाला एक कारोबारी है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और फिलहाल उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। शुरुआत में उसका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था, लेकिन बाद में उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।

संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान करने और उन्हें अलग रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, मरीज हाल के दिनों में कई लोगों के संपर्क में आया था, इसलिए संपर्क सूची काफी लंबी हो सकती है।

स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि मरीज पहले एक अस्पताल के ओपीडी में गया था। इसके अलावा उसने एमआरआई और इकोकार्डियोग्राफी जैसी जांचें भी करवाई थीं। ऐसे में उसके संपर्क में आए स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य लोगों को एहतियात के तौर पर निगरानी में रखा जा रहा है।

दिख रहे निपाह वायरस के लक्षण
मंत्री ने कहा कि कोझिकोड के स्वास्थ्य अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि शुरुआती जांच और मरीज में दिखाई दे रहे लक्षण निपाह संक्रमण की ओर इशारा करते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय एनआईवी की रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।

अधिकारियों को संदेह है कि मरीज को संक्रमण हाल ही में किराये पर लिए गए एक गोदाम की सफाई के दौरान हुआ हो सकता है। बताया गया है कि उसने गोदाम की सफाई खुद की थी। निपाह वायरस आमतौर पर फलों को खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है और केरल में 2018 के बाद से इसके कई मामले सामने आ चुके हैं।

मंत्री ने लोगों से घबराने की बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में आवश्यक दवाएं और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और मरीज के संपर्क में आए सभी लोगों का पता लगाने का काम जारी है।

उन्होंने यह भी बताया कि वह स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा करेंगे और एनआईवी की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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