Udaan News. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के युवाओं से संवाद किया। इस कार्यक्रम में 245 सीमावर्ती गांवों से 5,000 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने सीमावर्ती क्षेत्रों के अपने अनुभव साझा किए, जबकि प्रधानमंत्री ने उनसे गांवों में हुए बदलाव और वहां की चुनौतियों पर चर्चा की।
सीमावर्ती गांवों को बताया देश का पहला गांव
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सीमावर्ती गांव केवल भौगोलिक दृष्टि से दूर हो सकते हैं, लेकिन भावनात्मक रूप से वे पूरे देश को एक सूत्र में बांधते हैं। उन्होंने कहा कि पहले इन गांवों को देश का “आखिरी गांव” कहा जाता था, लेकिन उनकी सरकार ने सोच बदलते हुए इन्हें देश का “पहला गांव” माना है।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में देशभक्ति की भावना सबसे अधिक देखने को मिलती है। वहां के लोगों के लिए देश पहले है और बाकी सुविधाएं बाद में।
युवाओं से साझा किए अपने अनुभव
पीएम मोदी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में आने से पहले उन्हें भी सीमावर्ती गांवों में जाने और वहां के लोगों के साथ समय बिताने का अवसर मिला था। उन्होंने बताया कि आज भी कई लोगों से उनका पुराना संपर्क बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि वह हर वर्ष दीपावली का पर्व सीमा पर तैनात सैनिकों के साथ मनाने का प्रयास करते हैं।
स्थानीय उत्पादों की खरीदारी पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की कि जब भी वे किसी नए स्थान की यात्रा करें तो अपने खर्च का कम से कम पांच प्रतिशत हिस्सा स्थानीय दुकानदारों और उत्पादों पर जरूर खर्च करें। उनका कहना था कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
युवाओं की भूमिका को बताया अहम
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका है। उन्होंने बताया कि “मेरा युवा भारत (MY Bharat)” मंच के जरिए देशभर के करोड़ों युवा राष्ट्र निर्माण के विभिन्न अभियानों से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के लिए लाखों युवाओं ने आवेदन किया था, जिनमें से चयनित युवाओं ने एक सप्ताह तक सीमावर्ती गांवों में रहकर वहां के लोगों के साथ समय बिताया, उनकी संस्कृति को समझा और अपने अनुभवों को साझा किया। यह पहल देश की विविधता को एकता में बदलने का उत्कृष्ट उदाहरण है।
सामूहिकता और संस्कृति पर भी दिया संदेश
युवाओं से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी सामूहिकता की परंपरा है। उन्होंने कहा कि साथ मिलकर काम करने से शक्ति बढ़ती है और सामूहिक गतिविधियां समाज को तनावमुक्त भी बनाती हैं। उन्होंने युवाओं से देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करने, अपने अनुभव साझा करने और सीमावर्ती गांवों की सकारात्मक कहानियों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

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