June 13, 2026

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टाटा संस की बोर्ड मीटिंग में नेतृत्व पर फैसला टला, चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल पर अनिश्चितता

Tata Sons Board Meeting : नमक से लेकर सॉफ्टवेयर बनाने तक के कारोबार से जुड़ी कंपनियों के 180 अरब डॉलर से अधिक राजस्व वाले टाटा समूह से जुड़ी टाटा संस की बहुप्रतीक्षित बोर्ड बैठक शुक्रवार को हुई। हालांकि इस बैठक में नेतृत्व के मुद्दे पर कोई निर्णायक बातचीत नहीं हो सकी।

सूत्रों के अनुसार, यह मुद्दा बैठक के आधिकारिक एजेंडे में शामिल नहीं था लेकिन एक स्वतंत्र निदेशक ने टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (चंद्रा) को तीसरा कार्यकाल देने के विषय पर चर्चा शुरू की। यह चर्चा ऐसे समय हुई जब समूह के भीतर, खासकर टाटा संस की सबसे बड़ी शेयरधारक टाटा ट्रस्ट्स में आंतरिक मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। करीब 62 वर्षीय चंद्रशेखरन, फरवरी 2027 में टाटा संस के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में अपना दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा करेंगे। सूत्रों ने बताया कि इस विषय पर हुई चर्चा में वह खुद शामिल नहीं थे।

टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स ने शुक्रवार की बैठक पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, बैठक के एजेंडे में मुख्य रूप से लेखांकन और लाभांश से जुड़े विषय शामिल थे। पिछले करीब चार महीनों से चंद्रशेखरन के नेतृत्व को लेकर फैसला लंबित है।

24 फरवरी को हुई टाटा संस की बोर्ड बैठक में उनके तीसरे कार्यकाल का मुद्दा उठा था, लेकिन तब भी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका था। उस बैठक में टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष और नामित निदेशक नोएल टाटा ने एयर इंडिया और टाटा डिजिटल जैसी समूह की कुछ कंपनियों के मुनाफे पर सवाल उठाए थे और इसे चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार से जोड़ा था। टाटा ट्रस्ट की टाटा संस में 66 फीसदी हिस्सेदारी है।

इसके बाद 26 मई को हुई एक अन्य बोर्ड बैठक में घाटे में चल रही कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने नोएल टाटा सहित अन्य निदेशकों के सामने प्रेजेंटेशन दिया था। हालांकि, उस बैठक में भी नेतृत्व परिवर्तन या कार्यकाल विस्तार का मुद्दा चर्चा में नहीं आया।

चार महीनों के भीतर हुई तीसरी बोर्ड बैठक में भी चंद्रशेखरन को तीसरा कार्यकाल मिलेगा या नहीं, इस पर कोई फैसला नहीं हो सका। चंद्रशेखरन की अध्यक्षता वाले टाटा संस बोर्ड में समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) सौरभ अग्रवाल, स्वतंत्र निदेशक हरीश मनवानी और अनीता जॉर्ज, तथा टाटा ट्रस्ट्स के नामित निदेशक नोएल टाटा और वेनु श्रीनिवासन शामिल हैं।

टाटा समूह में वरिष्ठ अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है। हालांकि, जुलाई 2025 में टाटा ट्रस्ट ने एक प्रस्ताव पारित कर चंद्रशेखरन को तीसरा पांच वर्षीय कार्यकाल देने की मंजूरी दी थी। ट्रस्ट का मानना था कि समूह कई नए रणनीतिक कारोबारी क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है इसलिए नेतृत्व में निरंतरता जरूरी है। इस सप्ताह की शुरुआत में टाटा ट्रस्ट्स की बोर्ड बैठक भी हुई थी, लेकिन उसमें चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल या टाटा संस की संभावित शेयर बाजार में सूचीबद्धता जैसे विवादित मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई।

आरबीआई ने वर्ष 2022 में टाटा संस को अपर-लेयर कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (सीआईसी) के रूप में वर्गीकृत किया था जिसके तहत कंपनी को तीन वर्षों के भीतर शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना था। हालांकि, कंपनी अब भी निजी स्वामित्व वाली है और इस मुद्दे पर शेयरधारकों तथा ट्रस्टी के बीच मतभेद बने हुए हैं।

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