June 14, 2026

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सीलिंग फैन बेचकर किया था पिता का अंतिम संस्कार, आज बेटी कर रही करोड़ों का कारोबार

कभी पिता के अंतिम संस्कार के लिए घर का पंखा सिर्फ 170 रुपये में बेचना पड़ा था। हालात इतने कठिन थे कि भविष्य अंधकारमय लग रहा था। लेकिन उसी घर की बेटी ने हार नहीं मानी। आज वही सीमा बंसल 157 करोड़ रुपए की कंपनी की मालकिन बन गईं। जानिए आखिर कैसे बदली उनकी तकदीर…

मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली सीमा बंसल की जिंदगी संघर्षों से भरी रही। बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद ऐसा लगा कि अब जिंदगी खत्म हो गई। लेकिन मां ने हिम्मत नहीं हारी। मां ने सभी बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाई। सीमा बताती हैं, ‘मेरे पिता का देहांत तब हो गया था जब मैं डेढ़ साल की थी। हमारे हालात इतने खराब थे कि मेरी मां के पास मेरे पिता का अंतिम संस्कार करने के लिए भी पैसे नहीं थे। हमारे घर में एक सीलिंग फैन था, जिसे मेरी मां ने 170 रुपए में बेच दिया था और उसी पैसे से उन्होंने मेरे पिता का अंतिम संस्कार किया।’ आज सीमा की जिंदगी बदल गई और करोड़ों की मालकिन बन गई हैं।

पिता के निधन के बाद मां ने अकेले ही चार बच्चों की परवरिश की। उन्होंने संगीत की ट्यूशन दी और चारों बच्चों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में दाखिला दिलाया। हालांकि जैसे-जैसे उच्च कक्षाओं में शिक्षा की लागत बढ़ती गई। आर्थिक स्थिति खराब होने लगी। ऐसे में सीमा को एक सरकारी स्कूल में ट्रांसफर कर दिया गया। शिक्षा का माध्यम पूरी तरह से बदल गया। उसका कोई दोस्त नहीं था और वो छह महीने तक स्कूल नहीं गई। आखिरकार जब वो वापस लौटी तो उसने अपनी कक्षा में टॉप कर लिया था।

मुंबई की झोपड़ी से लंदन तक का सफर
बड़े होने पर सीमा अपने भाई के साथ मुंबई आ गईं। उन्हें उम्मीद थी कि रिश्तेदारों का सहारा मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वे एक छोटी टीन की झोपड़ी में रहने लगीं, जहां गर्मियों में बहुत परेशानी होती थी। उन्होंने कई छोटे-मोटे काम किए और फिर एक आईटी कंपनी में नौकरी मिली। यही नौकरी उनके जीवन का बड़ा मोड़ बनी। उन्हें लंदन ऑफिस में काम करने का मौका मिला और उन्होंने यह अवसर स्वीकार कर लिया।

लंदन में हुई शादी

लंदन में उन्होंने कई साल तक काम किया। इसी दौरान उनकी एक शख्स से मुलाकात हुई। उनसे ट्यूनिंग अच्छी रही और बाद में दोनों ने शादी कर ली। सीमा बताती हैं कि बाद में उनके पति अमेरिका चले गए और वॉल स्ट्रीट पर एम्पायर स्टेट बिल्डिंग में एक ऑफिस खोला। वह बताती हैं, ‘बिजनेस अच्छा चल रहा था। हमने तीन फ्लोर का ऑफिस लिया, बैंक ऑफ अमेरिका में नौकरी पाई और ग्रीन कार्ड भी मिल गया। कुछ समय बाद मेरे पति को बिजनेस में बहुत बड़ा नुकसान हुआ, और हमने सब कुछ गंवा दिया और भारत लौट आए।’

फिर शुरुआत की DCG Packs की
सीमा ने बताया, ‘हम अपने पति के छोटे भाई के साथ रहने लगे। मेरे पति ने किसी दूसरी कंपनी में कुछ पैसे लगाए, जबकि मैं बेरोजगार थी। लंदन में हर महीने हमारे घर पैकेजिंग का एक कैटलॉग आता था, और हम अक्सर सोचते थे कि कभी पैकेजिंग का बिजनेस शुरू करेंगे।

शायद हम वही सोच रहे थे। मुझे पैकेजिंग इंडस्ट्री का कोई अनुभव नहीं था, और यह इंडस्ट्री ज्यादातर पुरुषों का ही दबदबा वाली है। सीमा ने अमेरिका से भारत आकर DCG Packs का बिजनेस शुरू किया। उन्होंने वेबसाइट बनाई और घर से ही कारोबार शुरू कर दिया। वो अकेले ही सबकुछ संभालती थी। उनकी कड़ी मेहनत और लगन से उनके बिजनेस आसमान की बुलंदियां को छूना शुरू कर दिया।

कंपनी का टर्नओवर 157 करोड़
सीमा का डीसीजी पैक्स आज करोड़ों की कमाई कर रहा है। इतने संघर्ष के बाद भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रहीं। आज उनकी कंपनी का टर्नओवर 157 करोड़ रुपए का है। सीमा की कहानी से आज के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।

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