June 16, 2026

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वक्फ जमीन का करोड़ों का सौदा! कूटरचित दस्तावेजों से बिकी दरगाह-इमामबाड़े की भूमि

  • प्रशासन पर लीपापोती के आरोप, ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट जाने की तैयारी

खान अशु, भोपाल
नरसिंहपुर जिले में वक्फ संपत्ति की कथित अवैध बिक्री का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़े की करोड़ों रुपये मूल्य की कृषि भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर निजी संपत्ति बताकर बेच दिया गया। इतना ही नहीं, सौदे के तुरंत बाद रजिस्ट्री भी कर दी गई। अब यह मामला भोपाल वक्फ ट्रिब्यूनल और जबलपुर हाईकोर्ट तक पहुंचने की तैयारी में है।

वक्फ हितैषियों का आरोप है कि जिला प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए मामले में लीपापोती कर रहा है तथा भूमि को निजी बताने के प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे घटनाक्रम पर सामाजिक संगठनों, मुस्लिम समाज और राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

1.24 करोड़ रुपए में हुआ सौदा

मामला नरसिंहपुर के नेहरू वार्ड स्थित वक्फ दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़े से जुड़ी खसरा नंबर 35/1 और 35/2 की कृषि भूमि का है। आरोप है कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में पर्याप्त जांच-पड़ताल किए बिना उक्त भूमि की रजिस्ट्री 1 करोड़ 24 लाख रुपये में कर दी गई। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वक्फ बोर्ड ने कलेक्टर नरसिंहपुर को पत्र भेजकर नामांतरण पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

नामांतरण रोकने के निर्देश, फिर भी प्रक्रिया जारी

वक्फ बोर्ड के पत्र क्रमांक 42/आर/नरसिंहपुर/2026/1421 दिनांक 22 मई 2026 में स्पष्ट रूप से नामांतरण रोकने की बात कही गई है। इसके बावजूद सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत के जवाब में तहसीलदार कार्यालय द्वारा नामांतरण प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।

भाजपा शासन में कांग्रेसियों का दबदबा

सूत्रों के अनुसार इस कथित सौदे में कुछ कांग्रेस नेताओं की भूमिका की चर्चा है। आरोप है कि प्रशासन निष्पक्ष जांच करने के बजाय दोषियों को बचाने की दिशा में काम कर रहा है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर अभी तक किसी का नाम सामने नहीं आया है।

22 साल के युवक के नाम पर ही क्यों हुआ सौदा?

सूत्रों का दावा है कि पूरे प्रकरण में एक 22 वर्षीय युवक को सामने रखकर दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की गई। जानकारों का मानना है कि भविष्य में किसी कानूनी या सामाजिक विवाद की स्थिति में वास्तविक लाभार्थियों को बचाने के लिए ऐसा किया गया हो सकता है।

सांप्रदायिक सौहार्द पर भी मंडरा रहा खतरा

दरगाह और इमामबाड़े से जुड़ी भूमि के विवादित सौदे को लेकर क्षेत्र में असंतोष बढ़ रहा है। मुहर्रम का समय निकट होने के कारण स्थानीय स्तर पर तनाव की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। समाज के कई जिम्मेदार लोगों ने प्रशासन से तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मामले के प्रमुख बिंदु

▪️ वक्फ संपत्ति की कथित अवैध बिक्री का मामला
▪️ कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप
▪️ 1.24 करोड़ रू में हुई रजिस्ट्री
▪️ वक्फ बोर्ड ने नामांतरण रोकने के निर्देश दिए
▪️ मामला ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट तक पहुंचेगा
▪️ प्रशासन पर लीपापोती और दोषियों को बचाने के आरोप
▪️ सांप्रदायिक तनाव की आशंका से इनकार नहीं

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